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Almora News: बंद रहे मंदिरों के कपाट
Sun, 29 Oct 2023 12:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 29 Oct 2023 12:06 AM IST
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फोटो- 28 एएलएम 31 पी- जागेश्वर धाम में चंद्र ग्रहण के चलते बंद रहे ज्योर्तिलिंग मंदिर के कपाट।
कई श्रद्धालु नहीं कर पाए देव दर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। चंद्र ग्रहण के कारण शनिवार को जिलेभर के मंदिरों के कपाट बंद रहे। सुबह से सूतक काल शुरू हुआ। इस बार चंद्र ग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले शुरू हुआ। इस कारण मंदिरों के कपाट देर शाम बंद किए गए। कई श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाए।
पुरोहित विजय दत्त जोशी ने बताया कि शनिवार शाम करीब 4:05 बजे चंद्र ग्रहण शुरू हुआ, जो रविवार सुबह तक रहा। राम दत्त पंचांग के अनुसार चंद्रमा के नजदीक या उनके भाव में राहू आने से इस दोष को ग्रहण कहा जाता है। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण के दिन सभी प्रमुख मंदिरों के द्वार चंद्र ग्रहण समाप्त होने तक बंद रखे जाते हैं। ऐसे में जिले के प्रसिद्ध नंदादेवी, जागेश्वर धाम, बद्रेश्वर, रत्नेश्वर आदि मंदिरों के कपाट बंद रहे। ग्रहण के कारण श्रद्धालुओं ने मंदिरों का रुख नहीं किया।
-- -- -- -- -- -फोटो- 28 एएलएम 31 पी-
जागेश्वर धाम में चंद्र ग्रहण के चलते बंद रहे ज्योर्तिलिंग मंदिर के कपाट। संवाद
इनसेट
ग्रहण के सूतक से पहले बागनाथ मंदिर के कपाट बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। चंद्रग्रहण के कारण जिले के सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद रहे। बागनाथ मंदिर के कपाट भी सूतक लगने से पहले बंद कर दिए गए थे। बागनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल ने बताया कि ग्रहण से कुछ घंटे पहले ही सूतक काल शुरू हो जाता है। इस कारण दिन में आरती और भोग के बाद सूतक लगने से पहले ही मंदिर के कपाट ढक दिए गए थे। ग्रहण होेने के कारण शाम को रोजाना होने वाली आरती नहीं की गई। भोग भी नहीं लगा। ग्रहण पूरा होने के बाद रविवार सुबह ही मंदिर के द्वार पूजा, अर्चना और दर्शन के लिए खोले जाएंगे। संवाद
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फोटो 28 बीजीएस 11 पी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। चंद्र ग्रहण के कारण शनिवार को जिलेभर के मंदिरों के कपाट बंद रहे। सुबह से सूतक काल शुरू हुआ। इस बार चंद्र ग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले शुरू हुआ। इस कारण मंदिरों के कपाट देर शाम बंद किए गए। कई श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाए।
पुरोहित विजय दत्त जोशी ने बताया कि शनिवार शाम करीब 4:05 बजे चंद्र ग्रहण शुरू हुआ, जो रविवार सुबह तक रहा। राम दत्त पंचांग के अनुसार चंद्रमा के नजदीक या उनके भाव में राहू आने से इस दोष को ग्रहण कहा जाता है। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण के दिन सभी प्रमुख मंदिरों के द्वार चंद्र ग्रहण समाप्त होने तक बंद रखे जाते हैं। ऐसे में जिले के प्रसिद्ध नंदादेवी, जागेश्वर धाम, बद्रेश्वर, रत्नेश्वर आदि मंदिरों के कपाट बंद रहे। ग्रहण के कारण श्रद्धालुओं ने मंदिरों का रुख नहीं किया।
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जागेश्वर धाम में चंद्र ग्रहण के चलते बंद रहे ज्योर्तिलिंग मंदिर के कपाट। संवाद
इनसेट
ग्रहण के सूतक से पहले बागनाथ मंदिर के कपाट बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। चंद्रग्रहण के कारण जिले के सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद रहे। बागनाथ मंदिर के कपाट भी सूतक लगने से पहले बंद कर दिए गए थे। बागनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल ने बताया कि ग्रहण से कुछ घंटे पहले ही सूतक काल शुरू हो जाता है। इस कारण दिन में आरती और भोग के बाद सूतक लगने से पहले ही मंदिर के कपाट ढक दिए गए थे। ग्रहण होेने के कारण शाम को रोजाना होने वाली आरती नहीं की गई। भोग भी नहीं लगा। ग्रहण पूरा होने के बाद रविवार सुबह ही मंदिर के द्वार पूजा, अर्चना और दर्शन के लिए खोले जाएंगे। संवाद
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फोटो 28 बीजीएस 11 पी

फोटो- 28 एएलएम 31 पी- जागेश्वर धाम में चंद्र ग्रहण के चलते बंद रहे ज्योर्तिलिंग मंदिर के कपाट।