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प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कम हो : जे गोवर्धन
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:12 AM IST
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जीबी पंत संस्थान में विचार गोष्ठी में मॉरीशस के उच्चायुक्त जे गोर्वधन, वन पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव निकुंज के सुंदराय आदि।
- फोटो : अमर उजाला
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भारत में मॉरीशस के उच्चायुक्त जे गोर्वधन ने कहा कि भारत की संस्कृति उसकी पहचान है और इस तरह की संस्कृति दुनिया में किसी अन्य देश में नहीं है। प्राकृतिक संसाधनों का कम से कम दोहन करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पानी को संरक्षित करने की जरूरत है। संस्कृत भाषा को दुनिया भर की भाषाओं की जननी बताते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत के साथ ही हमें अपनी मातृभाषा को भी सम्मान देना चाहिए।
कोसी नदी पुनर्जनन अभियान के तहत जीबी पंत संस्थान में एक दिवसीय विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि भारत में मॉरीशस के उच्चायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने पर ही जल स्रोत हमेशा रिचार्ज रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी को अपने आसपास सफाई रखने की जरूरत है। इस कार्य में देश के प्रधानमंत्री ने बेहतर कार्य किया है और अन्य देशों में भी उन्होंने अलग पहचान बनाई है। वन पर्यावरण एवं जलवायु परिर्वतन मंत्रालय के संयुक्त सचिव निकुंज के सुंदराय ने कहा कि नदियों के जलस्तर में लगातार कमी एक वैश्विक चिंता का कारण है। इसके लिए समय से नहीं जागे तो भविष्य में घातक परिणाम हो सकते है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि अभियान में जन सहभागिता के अतिरिक्त कैंपा एवं मनरेगा के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।
कुमाऊं विवि एसएसजे परिसर में स्थित एनआरडीएमएस के निदेशक और भूगोल के विभागाध्यक्ष प्रो. जेएस रावत ने कोसी पुनजर्नन अभियान के बारे में कई जानकारियां दीं। जीबी पंत संस्थान के निदेशक डॉ. आरएस रावल ने संस्थान की उपलब्धियों एवं संस्थान द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताया। इस दौरान जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरणीय संतुलन के विभिन्न विषयों पर केंद्र सरकार के पेयजल मंत्रालय की एकता भास्कर, गगंटोक उप नगर आयुक्त सोनम चैपाल भोटिया, स्टेट हेड यूएंडडीपी रश्मि बजाज, वीपीकेएस के निदेशक ए पटनायक, वैभव चतुर्वेदी ने भी विचार रखे। मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी का आभार जताया। संचालन शौविक गोस्वामी ने किया।
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कोसी नदी पुनर्जनन अभियान के तहत जीबी पंत संस्थान में एक दिवसीय विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि भारत में मॉरीशस के उच्चायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने पर ही जल स्रोत हमेशा रिचार्ज रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी को अपने आसपास सफाई रखने की जरूरत है। इस कार्य में देश के प्रधानमंत्री ने बेहतर कार्य किया है और अन्य देशों में भी उन्होंने अलग पहचान बनाई है। वन पर्यावरण एवं जलवायु परिर्वतन मंत्रालय के संयुक्त सचिव निकुंज के सुंदराय ने कहा कि नदियों के जलस्तर में लगातार कमी एक वैश्विक चिंता का कारण है। इसके लिए समय से नहीं जागे तो भविष्य में घातक परिणाम हो सकते है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि अभियान में जन सहभागिता के अतिरिक्त कैंपा एवं मनरेगा के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।
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कुमाऊं विवि एसएसजे परिसर में स्थित एनआरडीएमएस के निदेशक और भूगोल के विभागाध्यक्ष प्रो. जेएस रावत ने कोसी पुनजर्नन अभियान के बारे में कई जानकारियां दीं। जीबी पंत संस्थान के निदेशक डॉ. आरएस रावल ने संस्थान की उपलब्धियों एवं संस्थान द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताया। इस दौरान जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरणीय संतुलन के विभिन्न विषयों पर केंद्र सरकार के पेयजल मंत्रालय की एकता भास्कर, गगंटोक उप नगर आयुक्त सोनम चैपाल भोटिया, स्टेट हेड यूएंडडीपी रश्मि बजाज, वीपीकेएस के निदेशक ए पटनायक, वैभव चतुर्वेदी ने भी विचार रखे। मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी का आभार जताया। संचालन शौविक गोस्वामी ने किया।
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