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स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र रहे ताड़ीखेत कस्बे को भी है विकास की दरकार
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:42 PM IST
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ताड़ीखेत कस्बे का दृश्य।
- फोटो : अमर उजाला
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स्वतंत्रता संग्राम का केंद्र बिंदु रहा ताड़ीखेत कस्बा विकास की बाट जोह रहा है। उपमंडल क्षेत्र का सबसे बड़ा ब्लॉक मुख्यालय होने के बावजूद यहां कूड़ा निस्तारण की सुविधा नहीं है। जगह-जगह फैले कूड़े के ढेर दुर्गंध फैला रहे हैं। कस्बे की सड़क अधिकांश स्थानों पर बदहाल पड़ी हुई है। पीने के पानी की व्यवस्था भी अभी तक सुचारु नहीं हो सकी है। हालांकि इस मुद्दे को लेकर कस्बे के लोग पूर्व में आंदोलन कर चुके हैं।
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ताड़ीखेत में ब्लॉक मुख्यालय है, लेकिन यह अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। सबसे बड़ी समस्या कूड़े की है। निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह कूड़े के ढेर पड़े रहते हैं। हालांकि कस्बे के लोग और व्यापारी आपसी सहयोग कर साफ सफाई करते रहते हैं। पानी की दो योजनाएं यहां बनी हैं। एक योजना ऋषिगाड़ गधेरे से और दूसरी योजना गगास पेयजल योजना है, लेकिन वितरण व्यवस्था ठीक नहीं होने से आए दिन लोग परेशान रहते हैं।
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दो माह पूर्व स्थानीय लोगों ने पानी को लेकर वृहद आंदोलन भी किया था, इसके बाद विधायक ने जल संस्थान को वितरण व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए। सड़कों की हालत भी ठीक नहीं हैं। यहां नवोदय विद्यालय और गोलू देवता का प्रख्यात मंदिर भी है। नवयुवक मंगल दल के सदस्य मंजीत भगत सहित तमाम लोगों का कहना है कि कस्बे की हालत को सुधारने के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। कस्बे में सार्वजनिक और महिला शौचालय बनाने, कूड़ा निस्तारण की ठोस व्यवस्था करने की मांग भी उठाई है।
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