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शिक्षक को निलंबित करने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 26 Sep 2015 10:41 PM IST
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जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक आकाश सारस्वत ने कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालयों में अभिलेखों के रख रखाव को लेकर बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय धारी में आठ बच्चों के लिए दो अध्यापिकाएं होने के बावजूद शैक्षिक स्तर काफी दयनीय है। इधर कठानी प्राथमिक विद्यालय के गैर हाजिर शिक्षक को निलंबित करने के आदेश दे दिए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय धारी डोबा, फल्याटी नवीन और अमसरकोट प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जीआईसी डोबा में भी गतिविधियां देखी। इन सभी विद्यालयों मेें अभिलखों के रख रखाव की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्होंने नाराजगी प्रकट की। सारस्वत ने कहा कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की यह अव्यवस्था दूर करनी होगी। निरीक्षण के उपरांत जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय धारी डोबा में स्थिति चिंताजनक पाई गई। वहां मात्र आठ बच्चे हैं। विद्यालय जिला मुख्यालय से अधिक दूरी पर भी नहीं है। अध्यापिकाएं दो हैं, लेकिन शैक्षिक स्तर निम्न स्तर का है। एमडीएम के कागजात भी कच्ची पेंसिल से भरे गए थे। अध्यापिकाएं एक पैन खरीदने का भी साहस नहीं जुटा सकी। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय का निरीक्षण अंतिम बार 2010 में हुआ था, इसके बाद से निरीक्षण भी नहीं हुुआ। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को 15 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देेश दे दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय कठानी से शिक्षक पुष्कर सिंह पिछले साल नवंबर से लगातार गैर हाजिर हैं। उप शिक्षा अधिकारी को उन्हें निलंबित करने के आदेश दे दिए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय धारी डोबा, फल्याटी नवीन और अमसरकोट प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जीआईसी डोबा में भी गतिविधियां देखी। इन सभी विद्यालयों मेें अभिलखों के रख रखाव की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्होंने नाराजगी प्रकट की। सारस्वत ने कहा कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की यह अव्यवस्था दूर करनी होगी। निरीक्षण के उपरांत जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय धारी डोबा में स्थिति चिंताजनक पाई गई। वहां मात्र आठ बच्चे हैं। विद्यालय जिला मुख्यालय से अधिक दूरी पर भी नहीं है। अध्यापिकाएं दो हैं, लेकिन शैक्षिक स्तर निम्न स्तर का है। एमडीएम के कागजात भी कच्ची पेंसिल से भरे गए थे। अध्यापिकाएं एक पैन खरीदने का भी साहस नहीं जुटा सकी। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय का निरीक्षण अंतिम बार 2010 में हुआ था, इसके बाद से निरीक्षण भी नहीं हुुआ। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को 15 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देेश दे दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय कठानी से शिक्षक पुष्कर सिंह पिछले साल नवंबर से लगातार गैर हाजिर हैं। उप शिक्षा अधिकारी को उन्हें निलंबित करने के आदेश दे दिए गए हैं।
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