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अमर उजाला शिक्षा अभियान : पूरी किताबें नहीं आने से नए शैक्षिक सत्र में कैसे पढ़ेंगे बच्चे
Thu, 31 Mar 2022 11:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 11:55 PM IST
सार
समग्र शिक्षा अभियान के जिला प्रभारी महेंद्र प्रकाश ने बताया कि कक्षा एक से आठवीं तक पुस्तकों की कुल डिमांड दो लाख 78 हजार दो है। जिसके सापेक्ष दो लाख आठ हजार 423 किताबें प्राप्त हो चुकी है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
नया शिक्षा सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है लेकिन जिले में अभी कक्षा एक से 12वीं तक मुफ्त दी जाने वाली कई विषयों की पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। ऐसे में नए शिक्षा सत्र में भी छात्र-छात्राओं को समय पर पुस्तकें नहीं मिली तो उन्हें परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। प्राथमिक स्तर में 15 और माध्यमिक स्तर में 46 विषयों की किताबे अभी नहीं पहुंची है।
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जिले के सरकारी, सहायता प्राप्त, अशासकीय स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं के छात्र-छात्राओं को चार साल बाद समग्र शिक्षा अभियान के तहत मुफ्त किताबें दी जानी है। एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र के साथ स्कूलों में मुफ्त किताबों का वितरण भी शुरू होना है लेकिन जिले में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की कई विषयों की किताबें अभी नहीं पहुंची हैं। जिले में प्राथमिक स्तर की कुल 52 विषयों की पुस्तकें आनी है।
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अभी तक गोदाम में 37 विषयों की पुस्तकें पहुंच चुकी हैं। माध्यमिक स्तर में कुल 56 विषयों के सापेक्ष 10 विषयों की पुस्तकें मिली हैं। प्राथमिक स्तर में 15 और माध्यमिक स्तर में 46 विषयों की किताबे नहीं आई हैं। प्राथमिक वर्ग में कक्षा पांच की मैरी गोल्ड, गणित का जादू, संस्कृत, कक्षा छह की संस्कृत, कक्षा सात की बसंत, महाभारत, गणित, विज्ञान, संस्कृत आदि किताबें अभी नहीं पहुंची है। कई विषयों की मुफ्त किताबे अभी नहीं आने से नए सत्र के पहले दिन भी बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सभी विषयों की किताबें यदि बच्चों तक समय पर नहीं पहुंच पाई तो नए शिक्षा सत्र के शुरूआत में ही बच्चों की पढ़ाई पर खलल पड़ सकता है।
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समग्र शिक्षा अभियान के जिला प्रभारी महेंद्र प्रकाश ने बताया कि कक्षा एक से आठवीं तक पुस्तकों की कुल डिमांड दो लाख 78 हजार दो है। जिसके सापेक्ष दो लाख आठ हजार 423 किताबें प्राप्त हो चुकी है। एक लाख 70 हजार से अधिक किताबे सीआरसी तक पहुंचा दी गई है। इधर एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही बच्चों को मुफ्त किताबों का वितरण भी शुरू हो जाएगा। स्कूलो में इसकी तैयारियां चल रही हैं।
फिर पुरानी किताबें ही बनेंगी सहारा
अल्मोड़ा। स्कूलों में किताबें नहीं पहुंचने पर वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अपने भाई बहनों की पुरानी पुस्तकों या फिर स्कूल के बुक बैंक की पुस्तकों से काम चलाना पड़ेगा। खासकर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के बच्चों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि दुर्गम इलाकों में आसानी से किताबें नहीं मिल पाती है।
कुछ विषयों की पुस्तकें अभी नहीं आई है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो उन्हें बुक बैंक से पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पढ़ाई सुचारु रूप से चलेगी। - सुभाष चंद्र भट्ट, मुख्य शिक्षाधिकारी अल्मोड़ा