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Almora News: साइबर सिक्योरिटी की बारीकियां सीख ठगी से बचेंगे विद्यार्थी
Fri, 12 Sep 2025 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 12 Sep 2025 11:38 PM IST
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अल्मोड़ा। पहाड़ में भी अब साइबर ठगों ने अपने पैर पसार लिए हैं। इन ठगों का निशाना अधिकांश शिक्षित युवा बन रहे हैं। युवा ऐसे ठगों का शिकार न हो इसके लिए सोबन सिंह जीना विवि की पहल पर छात्र-छात्राएं अब मूल विषयों के साथ ही साइबर सिक्योरिटी के भी गुर सीखेंगे। ताकि युवा अपने साथ ही अपने परिवार को साइबर अपराध जैसी घटना से सुरक्षित रख सकें।
डिजिटल युग ने एक ओर जहां लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है लेकिन इससे खतरे भी बढ़ गए हैं। आज हर दिन देश में कोई न कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो रहा है। पहाड़ भी अब इन ठगों के निशाने पर है।
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसजे विवि कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं को मूल विषयों के साथ ही साइबर सिक्योरिटी की बारीकियां भी सीखाएगा। विषय विशेषज्ञ से विद्यार्थी ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग अटैक, सोशल मीडिया सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन, पासवर्ड मैनेजमेंट के गुर सीखेंगे। अगर युवा जागरूक होगा तो साइबर ठगों के मंसूबे नाकाम होंगे और साइबर अपराधों पर अंकुश लगेगा।
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साइबर अपराध
- फिशिंग अटैक- नकली ईमेल या मैसेज से बैंक डिटेल्स या पासवर्ड की चोरी
- हैकिंग- सोशल मीडिया या मोबाइल अकाउंट को बिना अनुमति एक्सेस करना
- साइबर बुलिंग- ऑनलाइन धमकाना, ट्रोल करना या बदनाम करना
- ऑनलाइन ठगी- फर्जी वेबसाइट या स्कीम से पैसे ऐंठना
- मैलवेयर- हानिकारक सॉफ्टवेयर से डिवाइस को नुकसान पहुंचाना या डाटा चुराना
- डेटा चोरी और पहचान की चोरी-आपकी निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल
--
साइबर ठगी से बचाव के तरीके
--
- मजबूत पासवर्ड बनाएं और समय-समय पर बदलें
- किसी अनजान लिंक या कॉल से सतर्क रहें
- सोशल मीडिया पर सीमित जानकारी साझा करें
- थर्ड पार्टी एप से बचें
कोट
- स्किल एन्हांसमेंट पाठ्यक्रम के तहत साइबर सिक्योरिटी विषय संचालित किया जाएगा। इससे छात्र-छात्राएं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक होंगे। निश्चित रूप से इससे पहाड़ में बढ़ते साइबर ठगी के मामलों में कमी आएगी। - डॉ. पारुल सक्सेना, विभागाध्यक्ष कंप्यूटर विज्ञान विभाग, एसएसजे परिसर
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डिजिटल युग ने एक ओर जहां लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है लेकिन इससे खतरे भी बढ़ गए हैं। आज हर दिन देश में कोई न कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो रहा है। पहाड़ भी अब इन ठगों के निशाने पर है।
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साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसजे विवि कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं को मूल विषयों के साथ ही साइबर सिक्योरिटी की बारीकियां भी सीखाएगा। विषय विशेषज्ञ से विद्यार्थी ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग अटैक, सोशल मीडिया सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन, पासवर्ड मैनेजमेंट के गुर सीखेंगे। अगर युवा जागरूक होगा तो साइबर ठगों के मंसूबे नाकाम होंगे और साइबर अपराधों पर अंकुश लगेगा।
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साइबर अपराध
- फिशिंग अटैक- नकली ईमेल या मैसेज से बैंक डिटेल्स या पासवर्ड की चोरी
- हैकिंग- सोशल मीडिया या मोबाइल अकाउंट को बिना अनुमति एक्सेस करना
- साइबर बुलिंग- ऑनलाइन धमकाना, ट्रोल करना या बदनाम करना
- ऑनलाइन ठगी- फर्जी वेबसाइट या स्कीम से पैसे ऐंठना
- मैलवेयर- हानिकारक सॉफ्टवेयर से डिवाइस को नुकसान पहुंचाना या डाटा चुराना
- डेटा चोरी और पहचान की चोरी-आपकी निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल
साइबर ठगी से बचाव के तरीके
- मजबूत पासवर्ड बनाएं और समय-समय पर बदलें
- किसी अनजान लिंक या कॉल से सतर्क रहें
- सोशल मीडिया पर सीमित जानकारी साझा करें
- थर्ड पार्टी एप से बचें
कोट
- स्किल एन्हांसमेंट पाठ्यक्रम के तहत साइबर सिक्योरिटी विषय संचालित किया जाएगा। इससे छात्र-छात्राएं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक होंगे। निश्चित रूप से इससे पहाड़ में बढ़ते साइबर ठगी के मामलों में कमी आएगी। - डॉ. पारुल सक्सेना, विभागाध्यक्ष कंप्यूटर विज्ञान विभाग, एसएसजे परिसर