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कोविड से जंग जारी, संसाधनों के नाम पर फिसड्डी है हमारी तैयारी
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आधी अधूरी तैयारी कोविड से जंग में पड़ रही भारी
2020 में कुमाऊं के छह जिलों में थे 442 डाक्टर, कोरोना काल में बढ़े महज 61 डॉक्टर
यूएस नगर में सात तो चंपावत में तीन विशेषज्ञ डाक्टर ही बढ़े
छह जनपदों में 280 वेंटिलेटर और 204 आईसीयू बेड
ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट सिर्फ हल्द्वानी बेस अस्पताल और ऊधमसिंह नगर जिला अस्पताल में
हल्द्वानी। प्रशासन से लेकर शासन तक के लाख दावों के बावजूद प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति अब भी बदहाल है। कोरोना काल में स्वास्थ्य सुविधाओं में कुछ इजाफा हुआ है पर वर्तमान परिदृश्य में यह नाकाफी है। इसके पीछे कहीं न कहीं बारी-बारी से सत्ता संभालती रही दोनों राष्ट्रीय पार्टियां हैं, जिन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर पिछले 20 साल में सिर्फ खानापूरी ही की है। यह बात यूं ही नहीं कही जा रही है स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इसकी हकीकत बयान करने के लिए काफी हैं। हम पिछले एक वर्ष से कोरोना से लड़ रहे हैं, इसके बावजूद कुमाऊं के छह जिलों में महज 61 नए मेडिकल अफसर ही बढ़ा सके हैं। पर्वतीय जिलों के अस्पताल तो रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं, वहां के सारे गंभीर मरीजों का भार अकेले हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल और यहां के निजी अस्पतालों पर है।
कुमाऊं के छह जिलों में अगर विशेषज्ञ चिकित्सकों की बात की जाए तो चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले को छोड़कर कहीं इनकी संख्या नहीं बढ़ी। चंपावत में तीन और ऊधमसिंह नगर में आठ विशेषज्ञ चिकित्सक बढ़े। छह जिलों में वेंटिलेटर की संख्या 280 हैं। बेस अस्पताल हल्द्वानी में चार आईसीयू बेड वेंटिलेटर के साथ हैं, जबकि आईसीयू बेड की संख्या 204 हैं।
पूरे कुमाऊं में चार आरटीपीसीआर लैब हैं। इसमें दो नैनीताल जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज और मुक्तेश्वर आईवीआरआई में हैं। जबकि एक ऊधमसिंह नगर में और एक अल्मोड़ा में है। बात अगर ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की की जाए तो बेस अस्पताल हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर जिला अस्पताल को छोड़कर कहीं पर भी नहीं है। राहत की बात यह है कि छह जिलों के जिला अस्पतालों में सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन की सुविधा है। मगर ऐसी सुविधा का क्या लाभ जब जेनरेशन प्लांट ही नहीं है।
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जिला 2020 में मेडिकल आफिसर की संख्या 2021 में मेडिकल आफिसर की संख्या
नैनीताल 98 109
बागेश्वर 59 71
पिथौरागढ़ 46 57
चंपावत 40 49
ऊधमसिंह नगर 41 59
अल्मोड़ा 158 158
-
जिला विशेषज्ञ चिकित्सक 2020 में 2021 में
नैनीताल 58 58
बागेश्वर 15 15
पिथौरागढ़ 13 13
चंपावत 12 15
ऊधमसिंह नगर 21 29
अल्मोड़ा 32 32
जिला वेंटिलेटर आईसीयू बेड ट्रूृनेट मशीनें
अल्मोड़ा 47 14 05
बागेश्वर 06 06 02
चंपावत 09 13 03
नैनीताल 138 100 06
पिथौरागढ़ 40 20 03
ऊधमसिंह नगर 42 51 08
कोट
डाक्टरों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। शासन को समय-समय पर अवगत कराया जाता है। नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट से लेकर अन्य कमियों के दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. शैलजा भट्ट, स्वास्थ्य निदेशक, कुमाऊं
--------------
बागेश्वर जिले : 18 एंबुलेंस हैं, इसमें दस 108 सेेवा के लिए और आठ एंबुलेंस संक्रमितों की सेवा में लगी हैं। वेंटिलेंटरों की संख्या नौ है, इसमें सात काम कर हैं। 170 कोविड बेड हैं, जिसमें 120 ऑक्सीजन बेड हैं। डॉक्टरों की कुल संख्या 82 है, जबकि पद 105 हैं। 37 नर्स कार्यरत हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी बागेश्वर डॉ. बीडी जोशी का कहना है कि कोरोना काल में स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है।
अल्मोड़ा जिला अस्पताल में छह बेड का आईसीयू है। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा जिले के अस्पतालों में कुल 1010 बेड स्वीकृत हैं। इसमें जिला मुख्यालय के बड़े अस्पतालों समेत मेडिकल कॉलेज और अन्य स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल है। जिले में ऑक्सीजन युक्त बेड बनाए जाने के लिए कवायद चल रही है। जिला अस्पतालए बेस अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट जल्द लगने की बात कही जा रही है।
पिथौरागढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास 26 एंबुलेंस हैं। इनमें से नौ कोरोना मरीजों के लिए संचालित हो रही हैं। दस 108 एंबुलेंस हैंए इनमें से नौ हरिद्वार से आई हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास 87 ऑक्सीजन बेड हैं। डॉक्टरों की संख्या 135 और नर्सिंग अधिकारी करीब 106 हैं। जिलें में डॉक्टरों, फार्मासिस्ट, उपचारिका, लैब तकनीशियन से लेकर स्वच्छक तक के कुल 242
पद रिक्त हैं।
चंपावत में कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन इन्हें काफी कम कहा जाएगा। 2020 में स्वास्थ्य सुविधाओं की 2021 से तुलना की जाए तो आईसीयू बेड शून्य से 10, जबकि वेंटिलेटर आठ हो गए हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर 298 और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर 15 से 45 हो गए हैं। ऑक्सीजन बेड भी 35 से 126 हो गए हैं। एंबुलेंस 13 हैं, जिनमें से पांच इसी साल मिली हैं। डॉक्टर 65 जबकि नर्स 50 हैं।
ऊधमसिंह नगर जिले के सरकारी अस्पतालों में पिछले कोरोना काल में 3 ऑक्सीजन बेड थे जो अब 474 हो गए है। स्वास्थ्य विभाग को पिछले साल 33 वेंटिलेटर मिले थे इनमें से 10 संचालित हो रहे है। पिछले साल जिले में 10 आईसीयू बेड थे जो अब 58 हो चुके है। वर्तमान में 108 एम्बुलेन्स को छोड़कर 27 एंबुलेंस संचालित हो रही है। इसके अलावा 230 डाक्टर तैनात है।
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2020 में कुमाऊं के छह जिलों में थे 442 डाक्टर, कोरोना काल में बढ़े महज 61 डॉक्टर
यूएस नगर में सात तो चंपावत में तीन विशेषज्ञ डाक्टर ही बढ़े
छह जनपदों में 280 वेंटिलेटर और 204 आईसीयू बेड
ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट सिर्फ हल्द्वानी बेस अस्पताल और ऊधमसिंह नगर जिला अस्पताल में
हल्द्वानी। प्रशासन से लेकर शासन तक के लाख दावों के बावजूद प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति अब भी बदहाल है। कोरोना काल में स्वास्थ्य सुविधाओं में कुछ इजाफा हुआ है पर वर्तमान परिदृश्य में यह नाकाफी है। इसके पीछे कहीं न कहीं बारी-बारी से सत्ता संभालती रही दोनों राष्ट्रीय पार्टियां हैं, जिन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर पिछले 20 साल में सिर्फ खानापूरी ही की है। यह बात यूं ही नहीं कही जा रही है स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इसकी हकीकत बयान करने के लिए काफी हैं। हम पिछले एक वर्ष से कोरोना से लड़ रहे हैं, इसके बावजूद कुमाऊं के छह जिलों में महज 61 नए मेडिकल अफसर ही बढ़ा सके हैं। पर्वतीय जिलों के अस्पताल तो रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं, वहां के सारे गंभीर मरीजों का भार अकेले हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल और यहां के निजी अस्पतालों पर है।
कुमाऊं के छह जिलों में अगर विशेषज्ञ चिकित्सकों की बात की जाए तो चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले को छोड़कर कहीं इनकी संख्या नहीं बढ़ी। चंपावत में तीन और ऊधमसिंह नगर में आठ विशेषज्ञ चिकित्सक बढ़े। छह जिलों में वेंटिलेटर की संख्या 280 हैं। बेस अस्पताल हल्द्वानी में चार आईसीयू बेड वेंटिलेटर के साथ हैं, जबकि आईसीयू बेड की संख्या 204 हैं।
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पूरे कुमाऊं में चार आरटीपीसीआर लैब हैं। इसमें दो नैनीताल जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज और मुक्तेश्वर आईवीआरआई में हैं। जबकि एक ऊधमसिंह नगर में और एक अल्मोड़ा में है। बात अगर ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की की जाए तो बेस अस्पताल हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर जिला अस्पताल को छोड़कर कहीं पर भी नहीं है। राहत की बात यह है कि छह जिलों के जिला अस्पतालों में सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन की सुविधा है। मगर ऐसी सुविधा का क्या लाभ जब जेनरेशन प्लांट ही नहीं है।
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जिला 2020 में मेडिकल आफिसर की संख्या 2021 में मेडिकल आफिसर की संख्या
नैनीताल 98 109
बागेश्वर 59 71
पिथौरागढ़ 46 57
चंपावत 40 49
ऊधमसिंह नगर 41 59
अल्मोड़ा 158 158
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जिला विशेषज्ञ चिकित्सक 2020 में 2021 में
नैनीताल 58 58
बागेश्वर 15 15
पिथौरागढ़ 13 13
चंपावत 12 15
ऊधमसिंह नगर 21 29
अल्मोड़ा 32 32
जिला वेंटिलेटर आईसीयू बेड ट्रूृनेट मशीनें
अल्मोड़ा 47 14 05
बागेश्वर 06 06 02
चंपावत 09 13 03
नैनीताल 138 100 06
पिथौरागढ़ 40 20 03
ऊधमसिंह नगर 42 51 08
कोट
डाक्टरों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। शासन को समय-समय पर अवगत कराया जाता है। नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट से लेकर अन्य कमियों के दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. शैलजा भट्ट, स्वास्थ्य निदेशक, कुमाऊं
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बागेश्वर जिले : 18 एंबुलेंस हैं, इसमें दस 108 सेेवा के लिए और आठ एंबुलेंस संक्रमितों की सेवा में लगी हैं। वेंटिलेंटरों की संख्या नौ है, इसमें सात काम कर हैं। 170 कोविड बेड हैं, जिसमें 120 ऑक्सीजन बेड हैं। डॉक्टरों की कुल संख्या 82 है, जबकि पद 105 हैं। 37 नर्स कार्यरत हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी बागेश्वर डॉ. बीडी जोशी का कहना है कि कोरोना काल में स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है।
अल्मोड़ा जिला अस्पताल में छह बेड का आईसीयू है। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा जिले के अस्पतालों में कुल 1010 बेड स्वीकृत हैं। इसमें जिला मुख्यालय के बड़े अस्पतालों समेत मेडिकल कॉलेज और अन्य स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल है। जिले में ऑक्सीजन युक्त बेड बनाए जाने के लिए कवायद चल रही है। जिला अस्पतालए बेस अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट जल्द लगने की बात कही जा रही है।
पिथौरागढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास 26 एंबुलेंस हैं। इनमें से नौ कोरोना मरीजों के लिए संचालित हो रही हैं। दस 108 एंबुलेंस हैंए इनमें से नौ हरिद्वार से आई हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास 87 ऑक्सीजन बेड हैं। डॉक्टरों की संख्या 135 और नर्सिंग अधिकारी करीब 106 हैं। जिलें में डॉक्टरों, फार्मासिस्ट, उपचारिका, लैब तकनीशियन से लेकर स्वच्छक तक के कुल 242
पद रिक्त हैं।
चंपावत में कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन इन्हें काफी कम कहा जाएगा। 2020 में स्वास्थ्य सुविधाओं की 2021 से तुलना की जाए तो आईसीयू बेड शून्य से 10, जबकि वेंटिलेटर आठ हो गए हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर 298 और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर 15 से 45 हो गए हैं। ऑक्सीजन बेड भी 35 से 126 हो गए हैं। एंबुलेंस 13 हैं, जिनमें से पांच इसी साल मिली हैं। डॉक्टर 65 जबकि नर्स 50 हैं।
ऊधमसिंह नगर जिले के सरकारी अस्पतालों में पिछले कोरोना काल में 3 ऑक्सीजन बेड थे जो अब 474 हो गए है। स्वास्थ्य विभाग को पिछले साल 33 वेंटिलेटर मिले थे इनमें से 10 संचालित हो रहे है। पिछले साल जिले में 10 आईसीयू बेड थे जो अब 58 हो चुके है। वर्तमान में 108 एम्बुलेन्स को छोड़कर 27 एंबुलेंस संचालित हो रही है। इसके अलावा 230 डाक्टर तैनात है।