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Almora News: बेस अस्पताल में अत्याधुनिक एनआईसीयू मशीनें शुरू
Mon, 14 Sep 2026 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:25 AM IST
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अल्मोड़ा। राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा से संबद्ध बेस अस्पताल में नवजात शिशुओं के इलाज के लिए अत्याधुनिक एनआईसीयू मशीनें स्थापित की गई हैं।
कुमाऊं और बरेली क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में पहली बार अल्मोड़ा बेस अस्पताल में एम्स स्तर की ये सुविधाएं शुरू होने का दावा किया गया है। गंभीर और बेहद कम वजन वाले नवजातों के इलाज में ये मशीनें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
विभागाध्यक्ष एवं नवजात शिशु सुपर स्पेशलिस्ट (डीएम) डॉ. सुमित जीना ने बताया कि अस्पताल में स्थापित आधुनिक इंक्यूबेटर मशीन समय से पूर्व जन्मे 28 से 30 सप्ताह के और एक किलोग्राम से कम वजन वाले नवजातों के लिए बेहद उपयोगी है। ऐसे बच्चों के अंग पूरी तरह विकसित नहीं होते हैं।
मशीन बच्चे के शरीर का तापमान नियंत्रित रखती है, जिससे हाइपोथर्मिया जैसी जानलेवा स्थिति से बचाव होता है। इसमें नवजातों को करीब दो सप्ताह तक नियंत्रित ह्यूमिडिटी में रखा जा सकता है।
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डॉ. जीना के अनुसार जन्म के तुरंत बाद न रोने वाले बच्चों में दिमागी कोशिकाओं को क्षति से बचाने के लिए थेराप्यूटिक हाइपोथर्मिया मशीन स्थापित की गई है। संवाद
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कुमाऊं और बरेली क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में पहली बार अल्मोड़ा बेस अस्पताल में एम्स स्तर की ये सुविधाएं शुरू होने का दावा किया गया है। गंभीर और बेहद कम वजन वाले नवजातों के इलाज में ये मशीनें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
विभागाध्यक्ष एवं नवजात शिशु सुपर स्पेशलिस्ट (डीएम) डॉ. सुमित जीना ने बताया कि अस्पताल में स्थापित आधुनिक इंक्यूबेटर मशीन समय से पूर्व जन्मे 28 से 30 सप्ताह के और एक किलोग्राम से कम वजन वाले नवजातों के लिए बेहद उपयोगी है। ऐसे बच्चों के अंग पूरी तरह विकसित नहीं होते हैं।
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मशीन बच्चे के शरीर का तापमान नियंत्रित रखती है, जिससे हाइपोथर्मिया जैसी जानलेवा स्थिति से बचाव होता है। इसमें नवजातों को करीब दो सप्ताह तक नियंत्रित ह्यूमिडिटी में रखा जा सकता है।
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डॉ. जीना के अनुसार जन्म के तुरंत बाद न रोने वाले बच्चों में दिमागी कोशिकाओं को क्षति से बचाने के लिए थेराप्यूटिक हाइपोथर्मिया मशीन स्थापित की गई है। संवाद