फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   State Musical College after becoming ill recently

राज्य बनने के बाद संगीत महाविद्यालय बुरे हाल में

Fri, 03 Mar 2017 10:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Fri, 03 Mar 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
State Musical College after becoming ill recently
अल्मोड़ा का भातखंडे महाविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला

 कुमाऊं मंडल का एकमात्र भातखंडे हिंदुस्तानी संगीत महाविद्यालय राज्य बनने के डेढ़ दशक बाद भी उपेक्षित है। सरकारें और जनप्रतिनिधि इस ओर उदासीन बने हुए हैं। कामचलाऊ व्यवस्था में चल रहे संस्थान में सालों बाद भी प्रवक्ताओं के पद पर नियमित नियुक्ति नहीं हुई है। संस्थान में प्रधानाचार्य समेत प्रवक्ताओं के 13 पदों में से छह पदों पर ही नियमित कार्मिक तैनात हैं।             

विज्ञापन


भारतीय शास्त्रीय संगीत विधा को जीवंत बनाए रखने को अल्मोड़ा में 1989 में भातखंडे संगीत महाविद्यालय की स्थापना हुई। शुरुआत में धारानौला में जिला पंचायत परिसर में किराए के भवन में महाविद्यालय प्रारंभ हुआ। यहां भरतनाट्यम, शास्त्रीय गायन, सितार, कथक नृत्य विषय प्रारंभ हुए। छात्र-छात्राओं को शास्त्रीय संगीत की  विभिन्न विधाओं को सीखने का मौका मिला। उत्तर प्रदेश शासनकाल में यहां प्रवक्ताओं के सभी पद भरे हुए थे। अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पूर्व में तैनात उत्तर प्रदेश संवर्ग के प्रवक्ता मूल प्रदेश लौट गए।             
विज्ञापन


उत्तराखंड राज्य बनने के बाद संस्थान की स्थिति बदतर होती गई। जाखनदेवी में संस्थान का आलीशान भवन बन गया है पर पूरे पद नहीं भरे गए हैं। वर्तमान में संस्थान में 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्राचार्य के अलावा प्रवक्ता गायन, कनिष्ठ प्रवक्ता कथक, कनिष्ठ प्रवक्ता भरतनाट्यम, कनिष्ठ प्रवक्ता तबला और संगतकर्ता तबला ही नियमित हैं। संगतकर्ता सारंगी का पद पिछले साल से रिक्त है। प्रवक्ता कथक और सितार के पद खाली हैं। कनिष्ठ प्रवक्ता गायन, सितार के अलावा संगतकर्ता के दो पदों पर आउट सोर्सिंग से नियुक्त हुई है। अलग राज्य बने सोलह साल से अधिक समय हो गया है पर सत्तारूढ़ रही सरकारों और जनप्रतिनिधियों ने इस संस्थान की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इधर संस्थान के प्राचार्य योगेश पंत ने बताया कि रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर शासन को भेजी जाती है। पदों पर नियुक्त का मामला शासन स्तर का है।             

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed