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जांच में स्टाफ नर्स और चिकित्सक दोषी
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Thu, 27 Sep 2018 11:30 PM IST
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अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोमेश्वर में प्रसव के बाद हुई शैलगांव निवासी रेनू भाकुनी (22) पत्नी दीपक भाकुनी की मौत के मामले में स्टाफ नर्स संगीता प्रकाश और चिकित्सक डॉ. गरिमा दोषी पाए गए हैं। प्रशासनिक आधार पर डॉ. गरिमा का तबादला बाड़ेछीना और स्टाफ नर्स का तबादला द्वाराहाट कर दिया गया है। जबकि दो अन्य डाक्टर बिना अनुमति के अनुपस्थित रहे। दोनों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के लिए सीएमओ ने उच्चाधिकारियों को संस्तुति की है। इसके अलावा चारों के सितंबर माह का वेतन रोकने के आदेश भी दिए हैं।
मालूम हो कि शैलगांव निवासी रेनू भाकुनी को प्रसव के लिए 20 सितंबर को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोमेश्वर में भर्ती कराया गया था। 21 सितंबर की रात महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जब रेनू का रक्तस्राव नहीं रुका तो उसे अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया। मनान के समीप पहुंचने पर रेनू ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में तैनात दो डाक्टर प्रसव के दौरान अनुपस्थित रहे। स्टाफ नर्स संगीता प्रकाश द्वारा प्रसव कराने के बाद अत्यधिक रस्तस्त्रत्तव हुआ और प्रसूता की मौत हो गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बिनीता साह ने मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. योगेश पुरोहित और डॉ. सविता ह्यांकी को सौंपी। दोनों डिप्टी सीएमओ जब को जांच को 24 सितंबर को सोमेश्वर गए तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने पांच घंटे उनका घिराव किया। जांच टीम ने रिपोर्ट गत दिवस मुख्य चिकित्साधिकारी को सौंपी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. साह ने बताया कि जांच में दोषी पाई गई स्टाफ नर्स संगीता प्रकाश का द्वाराहाट और डाक्टर गरिमा का प्रशासनिक अधार पर बाड़ेछीना तबादला कर दिया गया है। जबकि दो अन्य चिकित्सक डॉ. सुधीर गुप्ता और डॉ. दीपिका बिना अनुमति के अस्पताल से अनुपस्थित रहे। उनके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति की गई है। चारों का सितंबर माह का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं।
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मालूम हो कि शैलगांव निवासी रेनू भाकुनी को प्रसव के लिए 20 सितंबर को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोमेश्वर में भर्ती कराया गया था। 21 सितंबर की रात महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जब रेनू का रक्तस्राव नहीं रुका तो उसे अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया। मनान के समीप पहुंचने पर रेनू ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में तैनात दो डाक्टर प्रसव के दौरान अनुपस्थित रहे। स्टाफ नर्स संगीता प्रकाश द्वारा प्रसव कराने के बाद अत्यधिक रस्तस्त्रत्तव हुआ और प्रसूता की मौत हो गई।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बिनीता साह ने मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. योगेश पुरोहित और डॉ. सविता ह्यांकी को सौंपी। दोनों डिप्टी सीएमओ जब को जांच को 24 सितंबर को सोमेश्वर गए तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने पांच घंटे उनका घिराव किया। जांच टीम ने रिपोर्ट गत दिवस मुख्य चिकित्साधिकारी को सौंपी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. साह ने बताया कि जांच में दोषी पाई गई स्टाफ नर्स संगीता प्रकाश का द्वाराहाट और डाक्टर गरिमा का प्रशासनिक अधार पर बाड़ेछीना तबादला कर दिया गया है। जबकि दो अन्य चिकित्सक डॉ. सुधीर गुप्ता और डॉ. दीपिका बिना अनुमति के अस्पताल से अनुपस्थित रहे। उनके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति की गई है। चारों का सितंबर माह का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं।
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