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विस अध्यक्ष के आदेश की परवाह नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:10 PM IST
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जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में एक अरब लागत से निर्माणाधीन तीन पंपिंग योजनाएं निर्धारित समय से दो साल बाद भी तैयार नहीं हो पाई हैं। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने जनवरी में योजनाओं का निरीक्षण कर हर हाल में 30 जून तक पानी चलाने के निर्देश दिए थे। लेकिन विभाग की सुस्त कार्य प्रणाली के चलते अभाव ग्रस्त सैकड़ों गांवों में अगले साल तक भी पानी मिलने की उम्मीद नहीं है।
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जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के धौलादेवी और लमगड़ा के उच्चयूर पट्टी के सैकड़ों गांवों में सालभर पेयजल की गंभीर समस्या रहती है। सरकार ने 2012-13 में करीब एक अरब की लागत से धौलादेवी ब्लॉक में सरयू-बेलक-दन्यां, पनार-भनोली, दोड़म ग्राम समूह पंपिंग योजना और लमगड़ा के उच्चयूर पट्टी के गांवों के लिए कपिलेश्वर-बानड़ी देवी पंपिंग योजनाएं मंजूर की। कार्यदायी संस्था जल निगम ने दोनों ब्लॉकों के एक सौ से अधिक ग्राम पंचायतों के दो सौ से अधिक गांवों के लिए स्वीकृत इन योजनाओं को 2014 में तैयार करने का समय निर्धारित किया था। दो साल बीतने के बाद भी केवल दोड़म योजना के मुख्य टैंक तक ही पानी चला है। कई लाभांवित गांवों में अब भी लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं हो सका है।
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सरयू-दन्यां योजना की मुख्य लाइनों, टैंकों का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। बिजली विभाग ने पंप हाउसों के लिए 33 केवी की बिजली लाइन भी तैयार कर ली है। यांत्रिक शाखा के पास दो महीने पहले अलग-अलग स्थानों पर लगाए जाने वाले करीब दो दर्जन पंप भी पहुंच चुके हैं, लेकिन अब तक पंप स्थापना का काम ही शुरु नहीं हो सका है। पंपों की स्थापना में ही करीब चार महीने का समय लगना है। भनोली और कपिलेश्वर योजना के लिए पंपों के खरीद की निविदा कुछ दिन पहले ही हुई हैं। इन पंपों के आने और स्थापित करने में ही छह महीने से अधिक समय लगेगा। ऐसे में इन योजनाओं से अगली गर्मियों तक भी पेयजलापूर्ति शुरू हो जाए तो गनीमत होगी।
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