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गुलदार की खाल मामले में जिला जज ने अपील निरस्त की
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 08 Feb 2017 11:05 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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जिला एवं सत्र न्यायालय डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने गुलदार की खाल के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को यथावत रखते हुए अभियुक्त की अपील को निरस्त कर दिया है। इस मामले में आरोपी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा हुई थी।
मामला 17 अप्रैल 2012 का है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम को कौसानी से सोमेश्वर जा रहे एक वाहन की तलाशी में गुलदार की सफेद काले पीले रंग की बूटेदार खाल बरामद हुई थी।
संयुक्त टीम ने अभियुक्त संजय सिंह मेहरा, नवीन सिंह दोसाद के खिलाफ मामला दर्ज किया और प्रकरण की जांच उप प्रभागीय वनाधिकारी अमरेश कुमार द्वारा की गई। इसमें पुलिस और वन विभाग के सभी सदस्यों के बयान लेते हुए अभियुक्त के खिलाफ अवैध गुलदार की खाल बरामद होने पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत सुसंगत धाराओं में दंडित किए जाने का मामला दर्ज हुआ। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां चला और संजय सिंह को दोषमुक्त कर अभियुक्त नवीन सिंह दोसाद को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा के तहत तीन साल का कठोर कारावास और दस हजार रुपए आर्थिक दंड से दंडित किया गया। अभियुक्त नवीन सिंह दोसाद ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला जज के यहां फौजदारी अपील की। इस पर जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को यथावत रखते हुए अभियुक्त की अपील को निरस्त करने का आदेश दिया। वन विभाग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीसी तिवारी और मनोज पंत ने पैरवी की।
मामला 17 अप्रैल 2012 का है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम को कौसानी से सोमेश्वर जा रहे एक वाहन की तलाशी में गुलदार की सफेद काले पीले रंग की बूटेदार खाल बरामद हुई थी।
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संयुक्त टीम ने अभियुक्त संजय सिंह मेहरा, नवीन सिंह दोसाद के खिलाफ मामला दर्ज किया और प्रकरण की जांच उप प्रभागीय वनाधिकारी अमरेश कुमार द्वारा की गई। इसमें पुलिस और वन विभाग के सभी सदस्यों के बयान लेते हुए अभियुक्त के खिलाफ अवैध गुलदार की खाल बरामद होने पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत सुसंगत धाराओं में दंडित किए जाने का मामला दर्ज हुआ। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां चला और संजय सिंह को दोषमुक्त कर अभियुक्त नवीन सिंह दोसाद को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा के तहत तीन साल का कठोर कारावास और दस हजार रुपए आर्थिक दंड से दंडित किया गया। अभियुक्त नवीन सिंह दोसाद ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला जज के यहां फौजदारी अपील की। इस पर जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को यथावत रखते हुए अभियुक्त की अपील को निरस्त करने का आदेश दिया। वन विभाग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीसी तिवारी और मनोज पंत ने पैरवी की।
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