{"_id":"583c665b4f1c1b9345de5605","slug":"sentenced-to-two-years-of-vehicle-crush","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाहन से कुचलने वाले को दो साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाहन से कुचलने वाले को दो साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Mon, 28 Nov 2016 10:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह ने सड़क दुर्घटना के एक मामले में सुनवाई करते हुए एक को सड़क दुर्घटना करने का दोषी पाते हुए उसे दो साल के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने उसे दुर्घटना जान गवां चुके मृतक के आश्रित को एक लाख रुपए का मुआवजा देने के भी आदेश दिए।
जानकारी के अनुसार गत 23 अप्रैल को मान सिंह और उसका भाई शामा बाजार से अपने घर जा रहे थे। लीती की ओर से आ रहे लक्ष्मण सिंह ने अपने वाहन पिकप संख्या यूके 02सीए 0244 को तेजी और लापरवाही से चलाकर मान सिंह के भाई धन सिंह को टक्कर मारकर कुचल दिया। जिससे धन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में अभियोजन अधिकारी ललित मोहन आर्य और कोर्ट मुहर्रिर कमल वर्मा ने न्यायालय में नौ गवाह परीक्षित कराए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त लक्ष्मण सिंह को दोषी पाते हुए धारा 279 के अंतर्गत छह माह और धारा 304 के अंतर्गत उसे दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने अभियुक्त को मृतक के विधिक उत्तराधिकारी को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी पारित किए।
जानकारी के अनुसार गत 23 अप्रैल को मान सिंह और उसका भाई शामा बाजार से अपने घर जा रहे थे। लीती की ओर से आ रहे लक्ष्मण सिंह ने अपने वाहन पिकप संख्या यूके 02सीए 0244 को तेजी और लापरवाही से चलाकर मान सिंह के भाई धन सिंह को टक्कर मारकर कुचल दिया। जिससे धन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में अभियोजन अधिकारी ललित मोहन आर्य और कोर्ट मुहर्रिर कमल वर्मा ने न्यायालय में नौ गवाह परीक्षित कराए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त लक्ष्मण सिंह को दोषी पाते हुए धारा 279 के अंतर्गत छह माह और धारा 304 के अंतर्गत उसे दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने अभियुक्त को मृतक के विधिक उत्तराधिकारी को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी पारित किए।
विज्ञापन