{"_id":"586bd2784f1c1b00521594e0","slug":"sanjay-massacre-revealed-was-the-murder-of-four-people-together","type":"story","status":"publish","title_hn":"संजय हत्याकांड का खुलासा, चार लोगों ने मिलकर की थी हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संजय हत्याकांड का खुलासा, चार लोगों ने मिलकर की थी हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 03 Jan 2017 10:04 PM IST
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में हत्यारोपी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस ने पिलखोली के एक साल पुराने चर्चित संजय फर्त्याल उर्फ सोनू हत्याकांड का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। संजय की हत्या उसके चार दोस्तों ने ही मिलकर की थी। संजय को गोली मारने बाद उन्होंने कमेटपानी गधेरे में उसके शव को ठिकाने लगा दिया था। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें एक कुख्यात रमेश चिलवाल उर्फ बंबइया का बेटा सूरज चिलवाल है। हत्याकांड का मुख्य आरोपी अब भी फरार है। आरोपियों ने रंजिश में हत्याकांड को अंजाम दिया था।
विज्ञापन
14 जनवरी 2016 को उत्तरायणी पर्व की रात पिलखोली में रात्रि जागरण का आयोजन किया गया था। संजय पुत्र स्व. धरम सिंह अपने साथियों सूरज चिलवाल पुत्र रमेश चिलवाल उर्फ बंबइया, जगदीश फर्त्याल पुत्र दीवान सिंह, मोहित फर्त्याल पुत्र पूरन सिंह, भानु पंत पुत्र हेम पंत के साथ जागरण में गया था और तभी से लापता हो गया। मृतक की मां गंगा देवी ने उसकी तलाश के बाद राजस्व पुलिस में अपहरण की आशंका जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई। 26 मार्च को संजय का सिर कटा धड़ राजस्व पुलिस को कमेटपानी के गधेरे में बरामद हुआ। कपड़ों से संजय के शव की पहचान हुई। तीन मई 2016 को कमेटपानी के गधेरे में ही सिर भी बरामद हो गया। इसके बाद यह मामला रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित किया गया। तब से पुलिस लगातार हत्याकांड का पर्दाफाश करने का प्रयास कर रही थी।
विज्ञापन
एसएसआई हरीश प्रसाद ने बताया कि आरोपियों ने अपराध कुबूल करते हुए बताया है कि जागरण की रात वह लोग शराब के नशे में थे। उनकी कहासुनी हो गई और मोहित ने तमंचे से संजय के सिर पर गोली मार दी। संजय वहीं छटपटाकर गिर गया। इसके बाद सूरज चिलवाल की कार में शव को ले जाकर उन लोगों ने ठिकाने लगा दिया गया। पुलिस ने सोमवार की रात सूरज, जगदीश, भानु पंत को उनके घरों से गिरफ्तार किया। मोहित अभी फरार है। तीनों को आईपीसी की धारा 365, 302, 201, 34 के तहत गिरफ्तार कर 14 दिन की पुलिस रिमांड में जेल भेज दिया है।
विज्ञापन