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सड़क तो काट दी पर सफर में जान को खतरा

Sun, 03 Dec 2017 10:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रानीखेत (अल्मोड़ा)।
अमर उजाला ब्यूरो  रानीखेत (अल्मोड़ा)। Updated Sun, 03 Dec 2017 10:02 PM IST
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Road is cut off, but life threatens to travel
इस हालत में है द्वारसौं-काकड़ीघाट सड़क। - फोटो : अमर उजाला

पहाड़ के विकास में सड़कों की मुख्य भूमिका समझी जाती है। नेता हर मंचों से सड़कों का जाल बिछाने की बात कहते हैं, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। 1973 में स्वीकृत  द्वारसौं-काकड़ीघाट सड़क 43 साल बाद भी बनकर तैयार नहीं हुई है। 35 किमी सड़क काट तो तो दी गई है, लेकिन न तो इसमें डामर हुआ और न बड़े-बड़े गड्ढे पाटे गए हैं। सड़क की हालत का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां108 वाहन तक नहीं पहुंच पाता। गर्भवती महिलाओं को डोली में रखकर ग्रामीण छह से आठ किमी की पैदल दूरी तय कर मुख्य सड़क पर पहुंचाते हैं। फल, सब्जियों को समय पर बाजार नहीं मिल पा रहा है। 

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राज्य बनने के बाद द्वारसौं-काकड़ीघाट 35 किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण करने की मांग उठ रही है, लेकिन आज तक ग्रामीणों को आश्वासनों के सिवा कुछ भी नहीं मिला है। रोगियों को अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आधी अधूरी सड़क पर वाहन चालक चलने से कतराते हैं। कोई चालक अपने जोखिम में अगर इस मार्ग पर निकलता भी है तो सवारियां सड़क की खराब हालत को देख भय के कारण वाहन में नहीं बैठतीं। मजबूरन लोगों को पैदल ही आना-जाना पड़ता है।। इस मार्ग पर कई बार डामरीकरण की घोषणा हो चुकी है।
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पूर्व में डामरीकरण के लिए कालनू, सिवाली, देहोली, सिमोली, भैंसोली, गाड़ी, चौना आदि गांवों के ग्रामीणों ने खैरना में जाम भी लगाया। कई स्थानों पर कलमठ और सुरक्षा दीवारें भी नहीं बन पाई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन दे जाते हैं, इसके बाद कुछ भी नहीं होता। सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाने के कारण यहां से पलायन हो रहा है। यह क्षेत्र रानीखेत तहसील, विधान सभा सोमेश्वर और विकास खंड द्वाराहाट में बंटा हुआ है। इसे भी स्थानीय लोग दुर्भाग्य मानते हैं, कहते हैं कि सुविधाओं के अभाव के बावजूद यहां अधिकारी अथवा जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचते। चुनाव के वक्त ही नेताओं को क्षेत्र की याद आती है।  द्वारसौं-काकड़ीघाट सड़क से मनबजूना, द्वारसौं, सिमोली, भैंसोली, कारखेत, टनवाणी, देहोली, कालनू, सिवाली, गाड़ी चौना को लाभ मिलना है।। 
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मजखाली से आगे 20 किमी मार्ग का डामरीकरण का काम पीएमजीएसवाई द्वाराहाट खंड के पास है। इसके लिए हमने डीपीआर बनाकर शासन को भेजी है, लेकिन अभी तक धनराशि स्वीकृत नहीं हुई है। पैसा स्वीकृत होते ही इसकी निविदाएं लगाई जाएंगी।
राजेंद्र लाल शाह, एई, पीएमजीएसवाई, द्वाराहाट खंड। 

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