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महिलाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 25 Apr 2017 10:36 PM IST
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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने शराब विरोधी आंदोलनों में हिस्सेदारी कर रहीं महिलाओं पर कुछ क्षेत्रों में मुकदमे दर्ज करने की निंदा की है। पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि अपने गांव, घर, समाज को बचाने सड़क उतरीं महिलाओं का दमन किया गया तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
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केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि सरकारों और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत, लचर कार्यप्रणाली के कारण राज्य के गांव आज शराब जनित अराजकता से परेशान हैं। आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा और संसदीय चुनाव में जिस तरह से शराब परोसी जाती है उससे राज्य के छात्र और युवा बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं। जिन्हें बचाने के लिए महिलाएं आंदोलनरत हैं।
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उन्होंने काफलीखान (बागेश्वर) और अन्य स्थानों पर महिलाओं पर दर्ज मुकदमों को दमनात्मक कार्रवाई बताया और महिलाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। अध्यक्षता अमीनुर्रहमान ने और संचालन रेखा धस्माना ने किया। बैठक में वसीम अहमद, अनिरुद्ध कुमार, जीवन चंद्र, मनोज पंत, अनीता बजाज आदि ने भाग लिया।
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