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आवासीय विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का जीएस नैनो टेक इंडिया कंपनी से करार
Wed, 17 Apr 2019 11:21 PM IST
दीपक नेगी
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Published by: दीपक नेगी
Updated Wed, 17 Apr 2019 11:21 PM IST
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एमओयू के साथ कंपनी के मालिक और आवासीय विवि के कुलपति।
- फोटो : amar ujala
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उत्तराखंड आवासीय विश्वविद्यालय ने अपनी ओर से विकसित ग्राफीन और बायोफ्यूल के वाणिज्यिक उत्पादन के लिए मुरादाबाद की जीएस नैनो टेक के साथ करार किया है।
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बुधवार को विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में जीएस नैनो टेक कंपनी के मालिक गोरांग चंद्रा और आवासीय विवि के बीच इसके लिए एमओयू साइन हुआ।
एमओयू के तहत जीएस नैनो टेक एक साल तक उत्पादन करने के बाद चार साल तक टर्न ओवर की कुल रायल्टी का दो प्रतिशत आवासीय विवि को देगा। विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. एचएस धामी, रजिस्ट्रार विपिन चंद्र जोशी ने जीएस नैनो टेक इंडिया कंपनी की ओर से गोरांग चंद्रा ने करार पत्र पर हस्ताक्षर किए।
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कुलपति प्रोफेसर धामी ने बताया कि आवासीय विवि ने पॉलिथीन के उपयोग से ग्राफीन और बायोफ्यूल का निर्माण किया है। वर्तमान में ग्राफीन का उपयोग ऐरोस्पेस, भवन सामग्री, मोबाइल डिवाइस, परिवहन, औषधि, इलेक्ट्रानिक्स, ऊर्जा, रक्षा क्षेत्र, जल शोधन, सेंसर आदि में किया जाता है। ग्राफीन और बायोफ्यूल के वाणिज्यिक स्तर पर उपयोग की प्रकिया के तहत जीएस नैनो टेक इंडिया कंपनी के साथ एमओयू साइन किया गया है।
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उन्होंने बताया कि अब तक विवि ने सात पेटेंट जमा कर दिए हैं जिनमें से चार पेटेंट राज्य विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद और दो पेटेंट राष्ट्रीय स्तर पर फाइल हो चुके हैं। आवासीय विवि ने अब तक ग्राफीन एल्कोहल सेंसर, ग्राफीन और बायोफ्यूल निर्माण, रिचार्जेबल बैटरी, सोलर टाइल का पेटेंट कराया है। इसके अलावा एयर मास्क, वाटर फिल्टर और बोतल फिल्टर को भी पेटेंट कराने के लिए आवेदन किया गया है।