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रावण परिवार के पुतलों की शोभा यात्रा देखने उमड़ पड़ा पूरा शहर
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 19 Oct 2018 11:37 PM IST
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अल्मोड़ा में दशहरे पर निकली शोभा यात्रा में रावण तथा उसके परिवार के पुतले।
- फोटो : अमर उजाला
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सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में दशहरा पर्व पर नगर में रावण परिवार के पुतलों की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। पुतलों को देखने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। काफी भीड़ होने के कारण कई लोगों ने पुतलों को सड़क के किनारे और घरों की छतों से देखा। देर रात पुतले एचएनबी स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहुंचे। जहां सैकड़ों की भीड़ और भव्य आतिशबाजी के बीच पुतलों का दहन किया गया। इस मौके पर रंगारंरग कार्यक्रम भी हुए।
दशहरा पर्व के मौके पर शहर के विभिन्न मोहल्लों और बाजारों में पुतला समितियों द्वारा बनाए गए रावण परिवार के 28 पुतलों को नगर पालिका के शॉपिंग कांप्लेक्स के पास लाया गया। यहां पर मुख्य अतिथि सेवानिवृत शिक्षक और वरिष्ठ रंगकर्मी जीवन लाल ने दशहरा महोत्सव उद्घाटन किया। अति विशिष्ट अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष और विधायक रघुनाथ सिंह चौहान थे। इस मौके पर केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, शोभा जोशी, दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह कार्की, मुख्य संयोजक सचिन टम्टा, उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, दीपक साह, उप सचिव वैभव पांडे, कोषाध्यक्ष राजेंद्र तिवारी आदि मौजूद थे। संचालन मनोज सनवाल ने किया।
उद्घाटन कार्यक्रम के बाद रावण परिवार के पुतलों की बैंड बाजों के साथ भव्य शोभा यात्रा शुरु हुई। जिसमें सबसे आगे ताड़िका का पुतला था। उसके बाद रावण परिवार के अन्य पुतले अहिरावण, कुंभकर्ण, मायांतक, सुबाहु, ताड़िका, राजपुरा का देवातंक, कुंड, निकुंभ, मकरासुर, अतिकाय, नवरांतक, मेघनाद, मारीच, धुम्राद, विरत, ज्वालासुर, संभासुर, धुरमुर, खर, कालकासुर, अक्षय कुमार, कालकेतु के पुतले शामिल थे। सबसे पीछे रावण का पुतला चल रहा था और उसके पीछे राम डोला शामिल था। नगर के बाजारों से होते हुए पुतले देर रात एचएनबी स्पोट्र्स स्टेडियम पहुंचे। स्टेडियम में हजारों की भीड़ तथा भव्य आतिशबाजी के बीच रावण परिवार के पुतलों का दहन किया गया। इस मौके पर रंगारंग कार्यक्रम भी हुए। इधर पूरे कार्यक्रम के दौरान सीओ कमल राम, कोतवाल अरुण वर्मा आदि के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस कर्मी शांति व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।
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पांच पुतलों को नहीं किया गया शामिल
अल्मोड़ा। रावण परिवार के पांच पुतलों को दशहरा महोत्सव समिति में रजिस्टर्ड नहीं होने के कारण रावण परिवार के पुतलों की शोभा यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। संबंधित पुतला समिति के लोग इन पुतलों को परंपरागत मार्ग के बजाय माल रोड होते हुए स्टेडियम ले गए। इधर पातालदेवी पुतला कमेटी के महासचिव विवेक वाल्मीकि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जानबूझकर पांच पुतलों को शामिल नहीं होने दिया गया जिससे पहली बार यह पुतले माल रोड होकर स्टेडियम ले जाने पड़े। इधर दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह कार्की ने बताया कि इन पुतलों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि हर साल पुतलों की संख्या बढ़ती जा रही है। संख्या को कम करने का फैसला लिया गया है। इस बार भी अंतिम पांच स्थान में रहने वाले पुतलों को 2019 के दशहरा महोत्सव से बाहर कर दिया जाएगा।
दशहरा पर्व के मौके पर शहर के विभिन्न मोहल्लों और बाजारों में पुतला समितियों द्वारा बनाए गए रावण परिवार के 28 पुतलों को नगर पालिका के शॉपिंग कांप्लेक्स के पास लाया गया। यहां पर मुख्य अतिथि सेवानिवृत शिक्षक और वरिष्ठ रंगकर्मी जीवन लाल ने दशहरा महोत्सव उद्घाटन किया। अति विशिष्ट अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष और विधायक रघुनाथ सिंह चौहान थे। इस मौके पर केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, शोभा जोशी, दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह कार्की, मुख्य संयोजक सचिन टम्टा, उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, दीपक साह, उप सचिव वैभव पांडे, कोषाध्यक्ष राजेंद्र तिवारी आदि मौजूद थे। संचालन मनोज सनवाल ने किया।
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उद्घाटन कार्यक्रम के बाद रावण परिवार के पुतलों की बैंड बाजों के साथ भव्य शोभा यात्रा शुरु हुई। जिसमें सबसे आगे ताड़िका का पुतला था। उसके बाद रावण परिवार के अन्य पुतले अहिरावण, कुंभकर्ण, मायांतक, सुबाहु, ताड़िका, राजपुरा का देवातंक, कुंड, निकुंभ, मकरासुर, अतिकाय, नवरांतक, मेघनाद, मारीच, धुम्राद, विरत, ज्वालासुर, संभासुर, धुरमुर, खर, कालकासुर, अक्षय कुमार, कालकेतु के पुतले शामिल थे। सबसे पीछे रावण का पुतला चल रहा था और उसके पीछे राम डोला शामिल था। नगर के बाजारों से होते हुए पुतले देर रात एचएनबी स्पोट्र्स स्टेडियम पहुंचे। स्टेडियम में हजारों की भीड़ तथा भव्य आतिशबाजी के बीच रावण परिवार के पुतलों का दहन किया गया। इस मौके पर रंगारंग कार्यक्रम भी हुए। इधर पूरे कार्यक्रम के दौरान सीओ कमल राम, कोतवाल अरुण वर्मा आदि के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस कर्मी शांति व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।
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पांच पुतलों को नहीं किया गया शामिल
अल्मोड़ा। रावण परिवार के पांच पुतलों को दशहरा महोत्सव समिति में रजिस्टर्ड नहीं होने के कारण रावण परिवार के पुतलों की शोभा यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। संबंधित पुतला समिति के लोग इन पुतलों को परंपरागत मार्ग के बजाय माल रोड होते हुए स्टेडियम ले गए। इधर पातालदेवी पुतला कमेटी के महासचिव विवेक वाल्मीकि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जानबूझकर पांच पुतलों को शामिल नहीं होने दिया गया जिससे पहली बार यह पुतले माल रोड होकर स्टेडियम ले जाने पड़े। इधर दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह कार्की ने बताया कि इन पुतलों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि हर साल पुतलों की संख्या बढ़ती जा रही है। संख्या को कम करने का फैसला लिया गया है। इस बार भी अंतिम पांच स्थान में रहने वाले पुतलों को 2019 के दशहरा महोत्सव से बाहर कर दिया जाएगा।