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अंगद नाम मेरा बाली का हूं बेटा
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चिलियानौला की रामलीला अंगद रावण संवाद के दौरान अंगद कैलाश चौहान और रावण नीरज तिवारी। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। चिलियानौला नगर पालिका स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर परिसर में रामलीला मंचन किया जा रहा है। वहां सोमवार रात अंगद-रावण संवाद सहित कई दृश्यों ने लोगों को भाव विभोर कर दिया।
रावण को समझाने के लिए अंगद का रावण दरबार में प्रवेश के साथ ही संवाद शुरू हो जाता है। अंगद नाम मेरा बाली का हूं बेटा, सभा में कैसे आया। कहां का पाजी है तू, जिसने तेरे बाप को मारा, उल्टा दे तू उसी को सहारा आदि संवादों पर लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।
वहां रावण की भूमिका बीडीसी सदस्य नीरज तिवारी और अंगद की भूमिका कैलाश चौहान ने निभाई। इससे पूर्व मंच पर कई बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर लोगों का खूब मनोरंजन किया।
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रामलीला कमेटी की ओर से रेखा पांडे सहित कई अतिथियों को सम्मानित किया गया। कमेटी के अध्यक्ष भानु कुवार्बी, सभासद मदन कुवार्बी, प्रकाश कुवार्बी आदि लोगों ने सहयोग किया। चिलियानौला की रामलीला सौ साल से अधिक पुरानी है। इस बीच रामलीला के मंचन में कई बदलाव भी हुए हैं। इस कारण लोगों में अब भी रामलीला के प्रति उत्साह बरकरार है।
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रावण को समझाने के लिए अंगद का रावण दरबार में प्रवेश के साथ ही संवाद शुरू हो जाता है। अंगद नाम मेरा बाली का हूं बेटा, सभा में कैसे आया। कहां का पाजी है तू, जिसने तेरे बाप को मारा, उल्टा दे तू उसी को सहारा आदि संवादों पर लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।
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वहां रावण की भूमिका बीडीसी सदस्य नीरज तिवारी और अंगद की भूमिका कैलाश चौहान ने निभाई। इससे पूर्व मंच पर कई बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर लोगों का खूब मनोरंजन किया।
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रामलीला कमेटी की ओर से रेखा पांडे सहित कई अतिथियों को सम्मानित किया गया। कमेटी के अध्यक्ष भानु कुवार्बी, सभासद मदन कुवार्बी, प्रकाश कुवार्बी आदि लोगों ने सहयोग किया। चिलियानौला की रामलीला सौ साल से अधिक पुरानी है। इस बीच रामलीला के मंचन में कई बदलाव भी हुए हैं। इस कारण लोगों में अब भी रामलीला के प्रति उत्साह बरकरार है।