फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   ramleela again started after twenty four years

भटकोट में चौबीस सालों के बाद शुरू हुई रामलीला

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Nov 2019 05:27 PM IST
विज्ञापन
ramleela again started after twenty four years
चौखुटिया के भटकोट में रामलीला के उद् घाटन के बाद मंचासीन बुजुर्ग। अमर उजाला - फोटो : ALMORA
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। भटकोट में चौबीस साल के बाद फिर से रामलीला शुरू हो गई है। आयोजकों द्वारा रामलीला का उद्घाटन क्षेत्र के बुजुर्गों द्वारा कराया गया है। आयोजकों की इस पहल की सभी लोगों ने प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि यदि हम भगवान राम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर बुजुर्गों द्वारा बताए रास्ते पर चलें तो क्षेत्र, प्रदेश और देश में राम राज्य की स्थापना हो सकती है।
विज्ञापन

भटकोट में शुक्रवार से रामलीला का मंचन शुरू हो गया है। रामलीला का उद्घाटन सेवानिवृत्त इतिहास प्रवक्ता नंदन सिंह बिष्ट, उमराव सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह टढियाल, जसवंत सिंह टढियाल, धना देवी, रेवती देवी, मालती देवी, बसंती देवी, गंगा देवी, देवकी देवी, सुरेश चंद्र पंत, पूरन चंद्र पंत, बहादुर सिंह, भगवत सिंह और धनसिंह आदि ने किया। गुजरात के सेवानिवृत्त मुख्य वन संरक्षक भटकोट निवासी सुरेश चंद्र पंत के संरक्षण में हो रही रामलीला को लेकर लोगों में खासा उत्साह है।
विज्ञापन

रामलीला कमेटी द्वारा क्षेत्र के बुजुर्गों से उद्घाटन कराने से भी लोगों के बीच अच्छा संदेश गया है। आयोजकों का कहना है कि किसी भी क्षेत्र में बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद के बिना सफलता नहीं मिल सकती है। समय की जरूरत है कि लोग बुजुर्गों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें। इसी मकसद से बुजुर्गों के माध्यम से ही उद्घाटन कराने का निर्णय लिया गया। इधर चांदीखेत में रामलीला के चौथे दिन राम को वनवास हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed