फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   rally against sc, st reservation

एससी-एसटी संरक्षण कानून के विरोध में मशाल जुलूस

Tue, 28 Aug 2018 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Tue, 28 Aug 2018 11:06 PM IST
विज्ञापन
rally against sc, st reservation
अल्मोड़ा में टार्च जुलूस निकालते सवर्ण समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला
संसद द्वारा पारित अनुसूचित जाति-जनजाति संरक्षण कानून के विरोध में सवर्ण महासभा कुमाऊं के आह्वान पर  विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तथा संगठनों से जुड़े लोगों ने मंगलवार की शाम को नगर में विशाल मशाल (टार्च लाइट) जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल लोग इस कानून को रद्द करने की मांग कर रहे थे।    
विज्ञापन

  
चौघानपाटा से निकला जुलूस शिखर तिराहा, मिलन चौक, लाला बाजार समेत विभिन्न मार्गों से होकर वापस चौघानपाटा पहुंचकर संपन्न हुआ। इससे पहले गांधी पार्क में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि संसद द्वारा पारित अनुसूचित जाति-जनजाति संरक्षण कानून समानता के अधिकार का उल्लंघन है। इस कानून से सामान्य वर्ग के लोगों को अपने भविष्य के प्रति शंका होने के साथ भय बना हुआ है।
विज्ञापन


कानून आपसी वैमनस्य को बढ़ाने वाला है। आरक्षण जाति के बजाय आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कानून को रद्द करने अथवा इसमें संशोधन करने की मांग की। महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष देव सिंह टंगडिया ने जुलूस में शामिल होने के लिए सभी का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जुलूस में समिति के सचिव विजय भट्ट, वैभव जोशी, सूबेदार आनंद सिंह बोरा, घनश्याम जोशी, आरपी भट्ट, चंद्रमणि भट्ट, राजेश कनार्टक, दिगंबर फुलोरिया, सीएस कठायत, आनंद कुमार पाटनी, अनिल जोशी, कैलाश डोलिया, विनीत बिष्ट, चंदन सिंह नैलवाल, पीएस बोरा, विपिन जोशी, पूर्व सभासद अशोक पांडे, जीएस गैड़ा समेत सवर्ण समाज के बच्चों, महिलाओं तथा शहर के आसपास के ग्रामीण शामिल थे।  

    
जुलूस में व्यापार मंडल, क्षत्रिय कल्याणकारी संगठन, समानता मंच, स्वास्थ्य विभाग संयुक्त कर्मचारी संघ, ग्रामोत्थान सेवा समिति गणाऊं, उत्तराखंड पूर्व सैनिक लीग, आम आदमी पार्टी, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी महासंघ, विकास भवन कर्मचारी महासंघ, राजकीय शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन से जुड़े सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने भी जुलूस में भाग लिया। बाद में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के माध्यम से देश के राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कानून को रद्द करने की मांग की गई।     
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed