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इंसुलेटेड लाइन डालने को कम पड़े ढाई करोड़
ब्यूरो /अमर उजाला, अल्मोड़ा
Updated Mon, 07 Dec 2015 12:14 AM IST
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लंबे समय बाद भी नगर क्षेत्र में बिजली लाइन के सुधारीकरण का काम पूरा नहीं हो सका है। केंद्र सरकार ने आरएपीडीपी योजना के तहत करीब चार साल पहले 11 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।
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विद्युत विभाग ने इस धनराशि से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 56 नए ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिए हैं और करीब 69 किमी ओपन लाइन के स्थान पर इंसुलेटेड केबल डाल दी है, लेकिन बजट के अभाव में 15 किमी क्षेत्र में अब भी ओपन लाइनें हैं। इसके लिए करीब ढाई करोड़ रुपये की और जरूरत है।
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नगर में बिजली लाइन के सुधारीकरण और ट्रांसफार्मरों के क्षमता बढ़ाने को बिजली विभाग ने 2011 में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था।
केंद्र सरकार ने इस काम के लिए 11 करोड़ का बजट विभाग के प्रोजक्ट डिवीजन को आवंटित किया। इसके बाद विभाग ने नगर के अलग-अलग हिस्सों में बिजली के ओपन तारों के स्थान पर इंसुलेटेड केबल बिछाने और नए ट्रांसफार्मर लगाने का काम शुरू किया।
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प्रोजक्ट डिवीजन के ईई दीपक पाल आर्या ने बताया कि सुधारीकरण का काम लगभग पूरा हो गया है। आवंटित बजट से शहर में अलग-अलग क्षमता के 65 नए ट्रांसफार्मर लगा दिए हैं। करीब 69 किमी तार बदल कर इंसुलेटेड केबल बिछा दी है।
आगणन के मुताबिक सभी काम पूरे हो गए हैं। वर्तमान में कैपेसिटर बैंक लगाने का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही विद्युत वितरण कारपोरेशन को हैंडओवर किया जाएगा। सुधारीकरण में 11 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन अब भी सर्किट हाउस, धारानौला, मकेड़ी, चीनाखान, पोखरखाली क्षेत्र में बिजली की ओपन लाइनें नहीं बदली गई हैं।
विद्युत वितरण खंड के एसडीओ मनोज तिवारी ने बताया नगर के कई क्षेत्रों में करीब 15 किमी इंसुलेटेड केबल बिछाई जानी शेष है। प्रोजेक्ट डिवीजन का काम पूरा हो जाने के बाद अवशेष कार्य का आगणन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, ताकि पूरे शहर की मुख्य लाइनें सुरक्षित रहें।
ओपन लाइनों के स्थान पर इंसुलेटेड केबल डालने के बाद से बिजली की लाइनों के आपस में टकराने से विद्युत आपूर्ति में व्यवधान काफी कम हो रहा है। साथ ही बिजली की चोरी कम हुई है। इसके अलावा लाइन लॉसेस भी कम हो रहे हैं। इससे वोल्टेज भी सही मिल रही है।