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पानी के लिए अनशन दूसरे दिन भी जारी
अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Fri, 06 Oct 2017 11:27 PM IST
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ताड़ीखेत में अनशन पर बैठे समिति के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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पेयजल समस्या के निराकरण की मांग को लेकर ताड़ीखेत में क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक समस्या हल नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलनकारी क्षतिग्रस्त ऋषिगाड़ पेयजल योजना को ठीक करने, गगास पेयजल पंपिंग योजना का नया स्टॉक टैंक बनाने की मांग कर रहे हैं। समर्थन देने के लिए दूसरे दिन भी भारी संख्या में लोग पहुंचे।
मालूम हो कि ताड़ीखेत कस्बा पर्यटन नगरी का प्रमुख कस्बा है। विकासखंड का मुख्यालय भी यहीं है। यहां दो दो पंपिंग पेयजल योजनाएं हैं। इसके बावजूद लोग यहां पानी की समस्या से बेजार हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि ऋषिगाड़ पेयजल योजना जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। आए दिन पानी बर्बाद होता है, जबकि गगास पेयजल योजना से वितरण प्रणाली में खामियां हैं। कहा कि स्टॉक टैंक तक क्षतिग्रस्त है।
पूर्व में कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन भेजने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है, जिसके चलते लोग अब क्रमिक अनशन पर बैठने को मजबूर हुए हैं। दूसरे दिन अनशन पर व्यापार मंडल अध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, पूर्व प्रधान चंदन सिंह बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता शंकर आर्या और दीपक रौतेला बैठे। आंदोलनकारी एक लाख लीटर का नया स्टॉक टैंक बनाने, वैकल्पिक व्यवस्था के लिए वहां ट्यूबवेल स्थापित करने की मांग भी कर रहे हैं।
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ताड़ीखेत विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक अनशन जारी रहेगा। वहां ऐरारी के प्रधान विजय शंकर बिष्ट, भुवन सिंह रावत, ललित मोहन सिंह रावत, विजय भगत, नीरज रावत आदि थे।
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मालूम हो कि ताड़ीखेत कस्बा पर्यटन नगरी का प्रमुख कस्बा है। विकासखंड का मुख्यालय भी यहीं है। यहां दो दो पंपिंग पेयजल योजनाएं हैं। इसके बावजूद लोग यहां पानी की समस्या से बेजार हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि ऋषिगाड़ पेयजल योजना जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। आए दिन पानी बर्बाद होता है, जबकि गगास पेयजल योजना से वितरण प्रणाली में खामियां हैं। कहा कि स्टॉक टैंक तक क्षतिग्रस्त है।
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पूर्व में कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन भेजने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है, जिसके चलते लोग अब क्रमिक अनशन पर बैठने को मजबूर हुए हैं। दूसरे दिन अनशन पर व्यापार मंडल अध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, पूर्व प्रधान चंदन सिंह बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता शंकर आर्या और दीपक रौतेला बैठे। आंदोलनकारी एक लाख लीटर का नया स्टॉक टैंक बनाने, वैकल्पिक व्यवस्था के लिए वहां ट्यूबवेल स्थापित करने की मांग भी कर रहे हैं।
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ताड़ीखेत विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक अनशन जारी रहेगा। वहां ऐरारी के प्रधान विजय शंकर बिष्ट, भुवन सिंह रावत, ललित मोहन सिंह रावत, विजय भगत, नीरज रावत आदि थे।