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Almora News: प्राचार्य के खिलाफ प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने खोला मोर्चा
Thu, 05 Nov 2026 12:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 05 Nov 2026 12:06 AM IST
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वाराहाट के प्राचार्य पर अनुचित और दबावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में समस्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों के हस्ताक्षरयुक्त 19 सूत्री शिकायत पत्र चार नवंबर को उच्च शिक्षा निदेशक हल्द्वानी को भेजा गया है।
शिकायत पत्र में प्राचार्य पर प्राध्यापकों और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने, कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप और मानसिक दबाव बनाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्राचार्य शिक्षकों को शैक्षणिक गतिविधियों, कार्यशालाओं, सेमिनारों और शोध कार्यों में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित करने के बजाय हतोत्साहित करते हैं। पदोन्नति के लिए जरूरी एफडीपी, रिफ्रेशर कोर्स और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने में भी कठिनाइयां पैदा की जा रही हैं। आरोप है कि वार्षिक गोपनीय आख्या खराब करने और विभिन्न कार्रवाई की धमकी देकर शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है। परीक्षा अवधि में अनावश्यक हस्तक्षेप, ड्यूटी, मेडिकल और आकस्मिक अवकाश को लेकर मनमानी किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। पत्र में महिला प्राध्यापकों के कथित मानसिक उत्पीड़न, बाल्य देखभाल अवकाश के दौरान परीक्षा संबंधी परेशानियों, कर्मचारियों के साथ असहयोगात्मक व्यवहार और उपस्थिति को लेकर अनावश्यक दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय के मूल्यांकन केंद्रों में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जाने की अनुमति नहीं देने, आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के संचालन और अकादमिक गतिविधियों में भागीदारी को लेकर बनाए जा रहे दबाव पर भी आपत्ति जताई गई है। प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने उच्च शिक्षा निदेशक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और महाविद्यालय में भयमुक्त एवं सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत पत्र पर प्राध्यापकों के साथ तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
प्राचार्य, डाॅ. डीसी पंत ने कहा किमहाविद्यालय में सभी काम नियमानुसार हो रहे हैं। कुछ लोगों के मनमुताबिक काम नहीं हो रहे हैं तो वह आरोप लगा रहे हैं। उनकी तरफ से निदेशक उच्च शिक्षा को इन आरोपों की जांच कराने के लिए अवगत करा दिया गया है।
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शिकायत पत्र में प्राचार्य पर प्राध्यापकों और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने, कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप और मानसिक दबाव बनाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्राचार्य शिक्षकों को शैक्षणिक गतिविधियों, कार्यशालाओं, सेमिनारों और शोध कार्यों में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित करने के बजाय हतोत्साहित करते हैं। पदोन्नति के लिए जरूरी एफडीपी, रिफ्रेशर कोर्स और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने में भी कठिनाइयां पैदा की जा रही हैं। आरोप है कि वार्षिक गोपनीय आख्या खराब करने और विभिन्न कार्रवाई की धमकी देकर शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है। परीक्षा अवधि में अनावश्यक हस्तक्षेप, ड्यूटी, मेडिकल और आकस्मिक अवकाश को लेकर मनमानी किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। पत्र में महिला प्राध्यापकों के कथित मानसिक उत्पीड़न, बाल्य देखभाल अवकाश के दौरान परीक्षा संबंधी परेशानियों, कर्मचारियों के साथ असहयोगात्मक व्यवहार और उपस्थिति को लेकर अनावश्यक दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय के मूल्यांकन केंद्रों में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जाने की अनुमति नहीं देने, आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के संचालन और अकादमिक गतिविधियों में भागीदारी को लेकर बनाए जा रहे दबाव पर भी आपत्ति जताई गई है। प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने उच्च शिक्षा निदेशक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और महाविद्यालय में भयमुक्त एवं सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत पत्र पर प्राध्यापकों के साथ तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
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प्राचार्य, डाॅ. डीसी पंत ने कहा किमहाविद्यालय में सभी काम नियमानुसार हो रहे हैं। कुछ लोगों के मनमुताबिक काम नहीं हो रहे हैं तो वह आरोप लगा रहे हैं। उनकी तरफ से निदेशक उच्च शिक्षा को इन आरोपों की जांच कराने के लिए अवगत करा दिया गया है।
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