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सिलाई-बुनाई का प्रशिक्षण ले रहे कैदी
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sat, 02 Dec 2017 10:21 PM IST
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कैदियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण का जायजा लेतीं डीएम ईवा आशीष।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला कारागार में एसबीआई द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम को देखने पहुंचीं जिलाधिकारी ईवा आशीष ने कहा कि कैदियों को स्वावलंबी बनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को लगातार चलाया जाना चाहिए। इससे जहां कैदी रोजगार से जुड़ेंगे वहीं दूसरी ओर उनकी आय भी बढ़ेगी।
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एसबीआई के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की ओर से जेल में चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में 21 पुरुष कैदियों को डिब्बा बनाने और नौ महिला कैदियों को सिलाई-बुनाई प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए उद्योग विभाग को धनराशि भी स्वीकृत हुई है। कार्यक्रम में पहुंचीं जिलाधिकारी ने कहा कि कैदियों द्वारा बनाए जा रहे डिब्बों को व्यापार मंडल से बात कर बाजार में बेचने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे कैदी समय का सदुपयोग करने के साथ ही गलत प्रवृत्तियों से भी बच सकेंगे। इस अवसर पर उन्होंने जेल में महिला कैदियों के साथ रह रहे छोटे बच्चों को खिलौने और पैर दर्द से पीड़ित कैदियों को नी कैप भी वितरित किए। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक दीपक मुरारी ने कहा कि इस तरह के प्रयोग सफल होने पर उद्योग विभाग की ओर से भविष्य में अन्य कार्यक्रम भी चलाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में आरसेटी के निदेशक पीसी जोशी ने भी विचार रखे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जेल अधीक्षक समेत तमाम लोग मौजूद थे।
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