शिक्षा के प्रति गंभीरता जरूरी : कुंजवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। राजकीय प्रधानाचार्य परिषद के प्रथम जिला अधिवेशन में मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि शिक्षा के प्रति गंभीरता से चिंतन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सत्तर और अस्सी के दशक में सीमित संसाधनों में अच्छी शिक्षा मिल रही थी, लेकिन अब शिक्षा में भारी भरकम बजट खर्च होने के बावजूद शिक्षा के स्तर में सुधार नहीं हो रहा है। इस पर शिक्षाविदों और समाज को विचार करने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के साथ ही शिक्षकों से कर्तव्यों और दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने को कहा।
संसदीय सचिव मनोज तिवारी ने कहा कि शिक्षा से ही समाज का उत्थान हो सकता है। बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए प्रयास करने होंगे। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने भी विचार रखे। जिला इकाई ने अतिथियों के सम्मुख 27 प्रधानाचार्यों को पदस्थापना करने, प्रधानाचार्य पदों पर पदोन्नति देने में शिथिलता देने, प्रधानाचार्यों को शैक्षणिक संस्थानों डायट, सीमेट, एससीआरटी में पदोन्नति देने, प्रधानाचार्यों से प्रशासनिक संवर्ग का विकल्प लेने, अवस्थापना बजट, पदोन्नति के समय एक वेतन वृद्धि देने आदि मांगें रखी और मांगपत्र सौंपा।
इस दौरान संगठन ने सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य अनिल पंत, पीएस होलरिया, डॉ. मनोहर जोशी, एनएस राणा, राजन पांडे को सम्मानित किया। संगठन के जिला संरक्षक पीएस नयाल ने अध्यक्षता, संचालन नीलम नेगी ने किया। प्रांतीय उपाध्यक्ष त्रिलोचन उपाध्याय, जिलाध्यक्ष दिनेश रावत, महामंत्री मदन मोहन वर्मा, बीडी जोशी, मदन सिंह मेर, जीवन कांडपाल, सुरेंद्र पाठक, चंद्रकांत तिवारी, महेश तिवारी, डीडी तिवारी, डीडी अवस्थी, एमआर चंदोला आदि ने भी विचार रखे।