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प्राथमिक विद्यालय भ्याड़ी का भवन जर्जर हालत में
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प्राथमिक विद्यालय भ्याड़ी में एक कक्ष में बैठे बच्चे।
- फोटो : ALMORA
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय भ्याड़ी का भवन जर्जर हालत में पहुंच गया है। छत और दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है। ऐसे में कभी भी बच्चों के साथ दुर्घटना घट सकती है। विद्यालय में कक्षा कक्षों की कमी बनी हुई है। एक कक्ष में पांच कक्षाओं के 45 छात्र-छात्राओं को बैठना पड़ रहा है। बारिश होने पर छुट्टी करनी पड़ती है।
प्राथमिक विद्यालय भ्याड़ी में पांच कक्षाओं में 45 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय भवन काफी जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पहुंच गया है। बारिश होने पर बच्चों के बैग और चटाई भी भीग जाती हैं। पूरे भवन में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं।
वहीं बारिश होने पर पीछे की ओर से कक्षों की खिड़कियों से मलवा तक अंदर आना आम हो गया है। कक्षों की कमी के चलते एक से पांच तक के 45 बच्चों का संचालन एक ही कक्ष में करना पड़ रहा है। यही नहीं बारिश होने पर बच्चों को घर भेजना शिक्षकों के लिए भी मजबूरी हो गया है।
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विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारी कई बार इसको लेकर शासन-प्रशासन और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकरियों से गुहार लगा चुके हैं। अभिभावकों ने बताया कि स्थानीय विधायक, उपजिलाधिकारी और पटवारी भी भवन का निरीक्षण कर चुके हैं पर शिक्षा विभाग और प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक खुशीराम ने बताया कि कई सालों से विद्यालय के नए भवन निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। भवन की छत जगह-जगह टपक रही है मध्याह्न भोजन का राशन भी छत टपने से भीग जाता है।
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प्राथमिक विद्यालय भ्याड़ी में पांच कक्षाओं में 45 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय भवन काफी जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पहुंच गया है। बारिश होने पर बच्चों के बैग और चटाई भी भीग जाती हैं। पूरे भवन में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं।
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वहीं बारिश होने पर पीछे की ओर से कक्षों की खिड़कियों से मलवा तक अंदर आना आम हो गया है। कक्षों की कमी के चलते एक से पांच तक के 45 बच्चों का संचालन एक ही कक्ष में करना पड़ रहा है। यही नहीं बारिश होने पर बच्चों को घर भेजना शिक्षकों के लिए भी मजबूरी हो गया है।
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विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारी कई बार इसको लेकर शासन-प्रशासन और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकरियों से गुहार लगा चुके हैं। अभिभावकों ने बताया कि स्थानीय विधायक, उपजिलाधिकारी और पटवारी भी भवन का निरीक्षण कर चुके हैं पर शिक्षा विभाग और प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक खुशीराम ने बताया कि कई सालों से विद्यालय के नए भवन निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। भवन की छत जगह-जगह टपक रही है मध्याह्न भोजन का राशन भी छत टपने से भीग जाता है।