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पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा की पत्रकार वार्ता
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 06 Feb 2016 11:47 PM IST
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वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा है कि नानीसार में जिंदल ग्रुप को स्कूल के लिए नियमानुसार सरकारी भूमि लीज पर दी गई है। वन पंचायत और ग्रामीणों की भूमि अधिगृहीत नहीं की गई है। इसके बावजूद कुछ लोग व्यक्तिगत भड़ास लगाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
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टम्टा ने शनिवार को यहां पत्रकारों से कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में शिक्षा हब विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से नानीसार में अंतरराष्ट्रीय स्कूल और पौड़ी में विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। नानीसार में स्कूल खुलने से क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि नानीसार में 7.01 हेक्टेयर सरकारी जमीन स्कूल के लिए नियमानुसार लीज पर दी गई है। किसी भी ग्रामीण, वन पंचायत की भूमि अधिग्रहीत नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग साजिश के तहत आंदोलन कर नानीसार को बहाना बनाकर मुख्यमंत्री को निशाना बना रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री प्रदेश के विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
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सरकार प्रत्येक ब्लॉक में राजीव गांधी प्राथमिक उन्नयन विद्यालय भी खोलने जा रही है। उन्होंने कहा कि नानीसार आंदोलन की अगुवाई कर रहे एक पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष ने उन पर दलित विरोधी होने के आरोप लगाए हैं, जबकि इस नेता ने हैदराबाद में हुई छात्र की हत्या, सरकारी विभागों में अनुसूचित जाति के लोगों के प्रोन्नति के मामले में कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की।
सवाल के जवाब में उन्होंने नानीसार में गिरफ्तारी के मामले का ठीकरा प्रशासन पर फोड़ा। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, पूर्व विधायक करन महरा, कर सलाहकार समिति उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक, डीसीबी अध्यक्ष प्रशांत भैसोड़ा, अनुसूचित जाति आयोग उपाध्यक्ष सिकंदर पवार, विपिन भट्ट, तारा चंद्र जोशी, पूरन रौतेला आदि मौजूद थे।