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बिजली विभाग सरकारी कार्यालयों और भवनों में लगाएगा प्रीपेड मीटर
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अल्मोड़ा। ऊर्जा निगम जल्द ही सरकारी कार्यालयों और भवनों में प्रीपेड विद्युत मीटर लगाएगा। प्रीपेड मीटर लगाने के लिए सरकारी विभागों को वर्तमान तक के बिजली उपभोग का बिल चुकाना होगा। इसके बाद ही संबंधित विभाग प्रीपेड मीटर लगा सकेंगे। पहले चरण में यूपीसीएल की 50 प्रीपेड मीटर लगाने की योजना है। प्रीपेड मीटर लगाने के बाद सरकारी विभागों को अग्रिम राशि यूपीसीएल के पास जमा करनी होगी।
राजकीय विभागों और सरकारी भवनों में प्रीपेड बिजली मीटर लगाने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। डीएम नितिन भदौरिया ने भी सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को पत्र जारी किए थे। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग से अनुमोदित विद्युत टैरिफ को लेकर भी शासन ने आदेशित किया है कि 25 किलोवाट तक के विद्युत भार वाले सरकारी विभागों के कार्यालयों और भवनों में प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जाने हैं। प्रीपेड मीटर लगाने से पहले सरकारी कार्यालयों और सरकारी भवनों के लिए यह जरूरी होगा कि वहां जितनी बिजली उपभोग हुई होगी, उसका भुगतान यूपीसीएल को करना होगा। सरकारी विभागों को पिछले सालों के और मासिक विद्युत खपत के औसत के आधार पर प्रीपेड बिजली मीटर लगने के लिए बजट की भी अग्रिम व्यवस्था करनी होगी। यूपीसीएल के ईई दीनदयाल सिंह पांगती ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रीपेड मीटर लगाने में देरी हुई है।
बकाए की वसूली की झंझट से भी मिलेगी मुक्ति
अल्मोड़ा। ऊर्जा निगम का विद्युत बिल का सरकारी विभागों पर लाखों रुपये प्रतिवर्ष बकाया रहता है। राजकीय विभाग बजट के अभाव में वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर भी बिजली बिल के बकाए का भुगतान नहीं कर पाते हैं। यदि सरकारी विभागों में प्रीपेड मीटर लग जाएंगे तो उन्हें अपनी बिजली खपत के अनुसार पूर्व में ही राशि यूपीसीएल के पास जमा करनी होगी। इसके बाद यूपीसीएल सरकारी विभागों की बिजली खपत के अनुसार बिजली बिल की राशि की कटौती करता रहेगा।
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राजकीय विभागों और सरकारी भवनों में प्रीपेड बिजली मीटर लगाने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। डीएम नितिन भदौरिया ने भी सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को पत्र जारी किए थे। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग से अनुमोदित विद्युत टैरिफ को लेकर भी शासन ने आदेशित किया है कि 25 किलोवाट तक के विद्युत भार वाले सरकारी विभागों के कार्यालयों और भवनों में प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जाने हैं। प्रीपेड मीटर लगाने से पहले सरकारी कार्यालयों और सरकारी भवनों के लिए यह जरूरी होगा कि वहां जितनी बिजली उपभोग हुई होगी, उसका भुगतान यूपीसीएल को करना होगा। सरकारी विभागों को पिछले सालों के और मासिक विद्युत खपत के औसत के आधार पर प्रीपेड बिजली मीटर लगने के लिए बजट की भी अग्रिम व्यवस्था करनी होगी। यूपीसीएल के ईई दीनदयाल सिंह पांगती ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रीपेड मीटर लगाने में देरी हुई है।
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बकाए की वसूली की झंझट से भी मिलेगी मुक्ति
अल्मोड़ा। ऊर्जा निगम का विद्युत बिल का सरकारी विभागों पर लाखों रुपये प्रतिवर्ष बकाया रहता है। राजकीय विभाग बजट के अभाव में वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर भी बिजली बिल के बकाए का भुगतान नहीं कर पाते हैं। यदि सरकारी विभागों में प्रीपेड मीटर लग जाएंगे तो उन्हें अपनी बिजली खपत के अनुसार पूर्व में ही राशि यूपीसीएल के पास जमा करनी होगी। इसके बाद यूपीसीएल सरकारी विभागों की बिजली खपत के अनुसार बिजली बिल की राशि की कटौती करता रहेगा।
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