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Almora News: गर्भवती से कह दिया बच्चे को बचाना मुश्किल, 108 कर्मियों ने सड़क किनारे किया सुरक्षित प्रसव
Wed, 20 Mar 2024 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 20 Mar 2024 11:20 PM IST
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रातिघाट के समीप एंबुलेंस में मां ने बच्चे को जन्म दिया है। संवाद
रानीखेत। पहाड़ के अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। इसका प्रमाण रानीखेत उप जिला चिकित्सालय हैं जहां से एक गर्भवती को यह कहकर रेफर कर दिया गया कि पेट में बच्चे की धड़कन नहीं आ रही और वह घूम नहीं रहा है। ऐसी हालत में वे बच्चे को नहीं बचा सकते। जब परिजन उसे हल्द्वानी ले जा रहे थे तो हालत बिगड़ने पर 108 कर्मियों ने सड़क किनारे एंबुलेंस में उसका सुरक्षित प्रसव कराया। यह मामला पूरे सिस्टम और स्वास्थ्य विभाग को आईना दिखा रहा है।
जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह द्वाराहाट विकासखंड के चिमलगांव निवासी गर्भवती 32 वर्षीय ममता बिष्ट को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उसे अपने निजी वाहन से रानीखेत उप जिला चिकित्सालय ले गए। यहां महिला रोग विशेषज्ञ भी तैनात है और प्रसव के लिए जरूरी संसाधन भी। इसके बाद भी स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती का प्रसव कराने से हाथ पीछे खींच लिए। उसे यह कहकर रेफर कर दिया कि पेट में बच्चे की दिल की धड़कन नहीं है और वह घूम नहीं रहा है। हालत नाजुक है और बच्चे का बच पाना भी असंभव है। इतना सुनकर परिजन रोते-बिलखते हुए प्रसव वेदना से जूझती गर्भवती को 108 एंबुलेंस से हल्द्वानी ले जाने के लिए रवाना हुए। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर रातीघाट के पास उसकी हालत बिगड़ गई तो ईएमटी सुषमा जोशी और चालक दीपक कुमार ने एंबुलेंस को सड़क किनारे खड़ा कर उसका प्रसव कराने की जिम्मेदारी उठाई। दोनों ने उसका सुरक्षित प्रसव कराया। उसने एक स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया।
108 कर्मियों ने प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को भीमताल सीएचसी पहुंचाया जहां दोनों भर्ती हैं। हालत गंभीर बताते हुए गर्भवती को प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तरफ से हायर सेंटर रेफर करना और 108 कर्मियों का सुरक्षित प्रसव कराना पूरे स्वास्थ्य महकमे पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। उच्चाधिकारी मामले की जानकारी लेने की बात कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने में जुट गए हैं। संवाद
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कोट
मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी लेकर ही कुछ कहा जा सकता है। अस्पताल में प्रसव के लिए जरूरी संसाधन हैं। गर्भवती को रेफर क्यों किया, इसकी जानकारी ली जाएगी।
- डॉ. संदीप दिक्षित, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत
कोट
गर्भवती को बच्चे की धड़कन न होने और उसके पेट में न घूमने का हवाला देकर हल्द्वानी रेफर किया गया था। 108 कर्मियों ने उसका सुरक्षित प्रसव कराकर जच्चा-बच्चा को सीएचसी भीमताल में भर्ती किया गया। दोनों स्वस्थ्य हैं।
- मनोज सामंत, जिला प्रभारी, आपताकालीन सेवा 108, अल्मोड़ा।
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जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह द्वाराहाट विकासखंड के चिमलगांव निवासी गर्भवती 32 वर्षीय ममता बिष्ट को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उसे अपने निजी वाहन से रानीखेत उप जिला चिकित्सालय ले गए। यहां महिला रोग विशेषज्ञ भी तैनात है और प्रसव के लिए जरूरी संसाधन भी। इसके बाद भी स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती का प्रसव कराने से हाथ पीछे खींच लिए। उसे यह कहकर रेफर कर दिया कि पेट में बच्चे की दिल की धड़कन नहीं है और वह घूम नहीं रहा है। हालत नाजुक है और बच्चे का बच पाना भी असंभव है। इतना सुनकर परिजन रोते-बिलखते हुए प्रसव वेदना से जूझती गर्भवती को 108 एंबुलेंस से हल्द्वानी ले जाने के लिए रवाना हुए। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर रातीघाट के पास उसकी हालत बिगड़ गई तो ईएमटी सुषमा जोशी और चालक दीपक कुमार ने एंबुलेंस को सड़क किनारे खड़ा कर उसका प्रसव कराने की जिम्मेदारी उठाई। दोनों ने उसका सुरक्षित प्रसव कराया। उसने एक स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया।
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108 कर्मियों ने प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को भीमताल सीएचसी पहुंचाया जहां दोनों भर्ती हैं। हालत गंभीर बताते हुए गर्भवती को प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तरफ से हायर सेंटर रेफर करना और 108 कर्मियों का सुरक्षित प्रसव कराना पूरे स्वास्थ्य महकमे पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। उच्चाधिकारी मामले की जानकारी लेने की बात कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने में जुट गए हैं। संवाद
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मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी लेकर ही कुछ कहा जा सकता है। अस्पताल में प्रसव के लिए जरूरी संसाधन हैं। गर्भवती को रेफर क्यों किया, इसकी जानकारी ली जाएगी।
- डॉ. संदीप दिक्षित, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत
कोट
गर्भवती को बच्चे की धड़कन न होने और उसके पेट में न घूमने का हवाला देकर हल्द्वानी रेफर किया गया था। 108 कर्मियों ने उसका सुरक्षित प्रसव कराकर जच्चा-बच्चा को सीएचसी भीमताल में भर्ती किया गया। दोनों स्वस्थ्य हैं।
- मनोज सामंत, जिला प्रभारी, आपताकालीन सेवा 108, अल्मोड़ा।