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Almora News: अखाड़े की जांच शुरू, पर पुलिस की जांच का इंतजार
Tue, 10 Sep 2024 11:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 10 Sep 2024 11:26 PM IST
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अल्मोड़ा। यहां जेल में बंद अंडरवर्ल्ड डॉन प्रकाश पांडे उर्फ पीपी को जूना अखाड़े के संतों द्वारा दीक्षा देने के बहुचर्चित मामले में जूना अखाड़े की ओर बनाई गई समिति ने तो जांच शुरू कर दी है लेकिन शासन द्वारा बैठाई गई जांच का अभी इंतजार किया जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि अखाड़े की ओर से बनाई गई जांच समिति के कुमाऊं क्षेत्र के तीन सदस्यों ने दीक्षा देने का दावा करने वाले अंशेश्वर मठ के पीठाधीश्वर राजेंद्र गिरि और उनके दो साथियों से पूछताछ की है। हालांकि, अभी किसी नतीजे पर समिति नहीं पहुंची है क्योंकि जांच अभी लंबी चलेगी।
पांच सितंबर को अंशेश्वर मठ के सभापति राजेंद्र गिरि और कुछ अन्य संतों ने जेल में पीपी से मुलाकात करने के बाद दावा किया था कि पीपी को दीक्षा देकर जूना अखाड़े से जोड़ दिया गया है और उसे अखाड़े की पांच संस्थाओं का उत्तराधिकारी भी बनाने का दावा किया गया था। इस पर अखाड़े के हरिद्वार स्थित मुख्यालय ने इस पूरे प्रकरण से अखाड़े को अलग कर जांच समिति बैठा दी थी। इस सात सदस्यीय समिति में तीन संत कुमाऊं क्षेत्र से भी हैं। इनमें बागेश्वर स्थित आश्रम के परमाध्यक्ष शंकर गिरि महाराज, पुष्कर राज गिरि और निरंजन देव गिरि शामिल हैं।
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सूत्रों ने बताया कि इस समिति के सदस्यों ने प्राइमरी जांच शुरू कर दी है और राजेंद्र गिरि तथा दो अन्य संतों से पूछताछ की गई है। अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने बताया कि अब समिति के सदस्यों को दशहरे पर अपरी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
अखाड़े में दशहरे का पर्व बड़े समारोह के साथ मनाया जाता है। इसमें अखाड़े के सभी संत शामिल होते हैं। माना जा रहा है कि इस बार दशहरे पर होने वाले महोत्सव में यह मामला गरम मुद्दे के रूप में छाने वाला है। वहीं, दीक्षा देने वाले संत राजेंद्र गिरि का कहना है कि पूछताछ जैसी कोई बात नहीं है। हम सारे साधु परिवार के सदस्य हैं। आपस में बात होती रहती है और एक दूसरे के यहां आश्रम में आ- जाते रहते हैं।
क्या कुछ और कैदी भी हैं पीपी के संपर्क में
प्रशासनिक हल्कों में इस पूरे मामले में रोचकता पैदा कर दी है। इसके अनुसार कहा जा रहा है कि कुछ और कैदी भी पीपी के संपर्क में हैं। वे भी उसी की तरह योग साधना करते हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। जेल अधीक्षक जयंत पांगती का कहना है कि जेल में कोई ध्यान आदि नहीं लगाया जाता। इस तरह की चर्चा को लेकर खुफिया तंत्र काफी सतर्क नजर आ रहा है।
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सूत्रों ने बताया कि अखाड़े की ओर से बनाई गई जांच समिति के कुमाऊं क्षेत्र के तीन सदस्यों ने दीक्षा देने का दावा करने वाले अंशेश्वर मठ के पीठाधीश्वर राजेंद्र गिरि और उनके दो साथियों से पूछताछ की है। हालांकि, अभी किसी नतीजे पर समिति नहीं पहुंची है क्योंकि जांच अभी लंबी चलेगी।
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पांच सितंबर को अंशेश्वर मठ के सभापति राजेंद्र गिरि और कुछ अन्य संतों ने जेल में पीपी से मुलाकात करने के बाद दावा किया था कि पीपी को दीक्षा देकर जूना अखाड़े से जोड़ दिया गया है और उसे अखाड़े की पांच संस्थाओं का उत्तराधिकारी भी बनाने का दावा किया गया था। इस पर अखाड़े के हरिद्वार स्थित मुख्यालय ने इस पूरे प्रकरण से अखाड़े को अलग कर जांच समिति बैठा दी थी। इस सात सदस्यीय समिति में तीन संत कुमाऊं क्षेत्र से भी हैं। इनमें बागेश्वर स्थित आश्रम के परमाध्यक्ष शंकर गिरि महाराज, पुष्कर राज गिरि और निरंजन देव गिरि शामिल हैं।
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सूत्रों ने बताया कि इस समिति के सदस्यों ने प्राइमरी जांच शुरू कर दी है और राजेंद्र गिरि तथा दो अन्य संतों से पूछताछ की गई है। अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने बताया कि अब समिति के सदस्यों को दशहरे पर अपरी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
अखाड़े में दशहरे का पर्व बड़े समारोह के साथ मनाया जाता है। इसमें अखाड़े के सभी संत शामिल होते हैं। माना जा रहा है कि इस बार दशहरे पर होने वाले महोत्सव में यह मामला गरम मुद्दे के रूप में छाने वाला है। वहीं, दीक्षा देने वाले संत राजेंद्र गिरि का कहना है कि पूछताछ जैसी कोई बात नहीं है। हम सारे साधु परिवार के सदस्य हैं। आपस में बात होती रहती है और एक दूसरे के यहां आश्रम में आ- जाते रहते हैं।
क्या कुछ और कैदी भी हैं पीपी के संपर्क में
प्रशासनिक हल्कों में इस पूरे मामले में रोचकता पैदा कर दी है। इसके अनुसार कहा जा रहा है कि कुछ और कैदी भी पीपी के संपर्क में हैं। वे भी उसी की तरह योग साधना करते हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। जेल अधीक्षक जयंत पांगती का कहना है कि जेल में कोई ध्यान आदि नहीं लगाया जाता। इस तरह की चर्चा को लेकर खुफिया तंत्र काफी सतर्क नजर आ रहा है।