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पोखरखाली डाकघर में लाखों का घपला!

Mon, 09 Feb 2015 11:22 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, अल्मोड़ा
ब्यूरो/ अमर उजाला, अल्मोड़ा Updated Mon, 09 Feb 2015 11:22 PM IST
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Post Pokrkhali patchwork of millions!
 नगर के पोखरखाली स्थित डाकघर में लाखों के घपले की आशंका है। कई लोगों की पासबुक में रकम तो दर्ज है, लेकिन डाकघर के अभिलेखों में यह राशि जमा नहीं की गयी है। डाकघर में कार्यरत महिला ग्रामीण डाक सेवक पर ग्राहकों ने गबन का आरोप लगाया है। नाराज लोगों ने डाकघर में हंगामा काटा। इसे देखते हुए पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। डाक अधीक्षक डीएस राणा ने बताया कि मामले में जांच बैठा दी गई है। अनियमितता पकड़े जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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पोखरखाली डाकघर की महिला ग्रामीण डाक सेवक पर ग्राहकों ने रुपयों के गोलमाल का आरोप लगाया है। लोगों का कहना था कि उनकी पासबुक में रुपए तो जमा हैं मगर यह धनराशि डाकघर के दस्तावेजों में नहीं दर्शाई गयी है। आरोप है कि कुछ लोगों की आरडी और बचत खाते की पासबुक भी संबंधित महिला कर्मी ने अपने पास रखी है।
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सोमवार को कई लोग पासबुक लेकर डाकघर पोखरखाली पहुंचे।

 उन्होंने डाकघर के अभिलेखों से पासबुक में जमा राशि का मिलान कराया तो गड़बड़ी उजागर हुई। पासबुक में रकम जमा करने की मोहर लगी थी लेकिन डाकघर के रजिस्टर में धनराशि जमा नहीं की गयी थी। आशंका है कि लाखों का हेरफेर हुआ है। इससे नाराज ग्राहकों ने डाकघर में हंगामा किया।
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 सूचना मिलने पर कोतवाल पीएल वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भाजयुमो जिलाध्यक्ष दर्शन रावत, नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र बिष्ट, देवाशीष नेगी आदि ने भी डाक अधीक्षक से मिलकर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इधर प्रधान डाकघर के डाक अधीक्षक डीएस राणा ने बताया है कि ग्राहकों ने कुछ दिन पूर्व खातों में गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसके बाद कमेटी गठित कर जांच शुरू करवा दी गई है। अनियमितता पकड़े जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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विभाग की लापरवाही भी उजागर
अल्मोड़ा। ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) की जिम्मेदारी डाकघर से डाक ले जाकर संबंधित लोगों को बांटना है। नियमानुसार वह डाकघर में धनराशि का लेनदेन नहीं कर सकता है लेकिन डाक विभाग ने इस अस्थाई महिला जीडीएस को लाखों के लेनदेन की जिम्मेदारी कैसे दे दी यह सवाल लोगों के गले नहीं उतर रहा है। आशंका है कि धनराशि के हेर-फेर में महिला कर्मी के साथ विभाग के अन्य कर्मी भी जुड़े हो सकते हैं। आरोपी महिला जीडीएस सोमवार को ड्यूटी पर भी नहीं आई।

लोगों को गाढ़ी कमाई डूबने का डर
अल्मोड़ा। लोगों ने अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को काटकर भविष्य के लिए जो रुपए जमा किये उन्हें इसके डूबने का डर सता रहा है। वह चाहते हैं कि डाकघर उनकी पाई-पाई का हिसाब चुकता करे। पूर्वी पोखरखाली निवासी कमलेश जोशी ने बताया कि मई 2012 से वह एजेंट के माध्यम से प्रतिमाह पांच सौ रुपए की आरडी डाकघर में जमा कर रहे हैं। एजेंट की स्लिप में डाकघर ने धनराशि जमा होने की मुहर लगाई है, लेकिन जब उन्होंने डाकघर के रजिस्टर में देखा तो वहां रुपए जमा होने का विवरण नहीं था।


पोखरखाली के ही राजीव गोयल ने बताया कि उन्होंने 11 मई 2013 को बचत खाते में 45 हजार रुपए का एमआईएस जमा कराया था, लेकिन डाकघर के रिकार्ड में जमा की इंट्री नहीं है। सावित्री तिलारा और समीर तिलारा का डाकघर में संयुक्त खाता है। उन्होंने खाते से धनराशि निकालने के लिए ग्रामीण डाक सेवक को फार्म भरकर दिया था, लेकिन दो हफ्ते बाद भी भुगतान नहीं मिला है। उनकी आरडी की पासबुक भी जीडीएस के पास ही है। चीनाखान के राजू कर्नाटक ने बताया कि उनकी आरडी पासबुक में 19 हजार की रकम दर्ज है लेकिन डाकघर के रिकार्ड में मात्र छह हजार रुपए ही चढ़ाए गए हैं। पोखरखाली की माया बिष्ट के तीन खातों में क्रमश: 25 हजार, 18 हजार, 10 हजार रुपए की गड़बड़ी हुई है।


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