{"_id":"680a7d6d2bc67399940c5661","slug":"positive-news-in-district-almora-news-c-232-1-ksp1005-127285-2025-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: आठ साल से डामरीकरण की राह ताक रही सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: आठ साल से डामरीकरण की राह ताक रही सड़क
Thu, 24 Apr 2025 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 24 Apr 2025 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। जिले के धौलादेवी विकासखंड के अंतर्गत भगरतोला-चमुवा-कपकोली मोटर मार्ग में निर्माण के आठ साल बाद भी डामरीकरण नहीं हो सका है। कच्चे मार्ग पर लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने मार्ग पर जल्द डामरीकरण नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
वर्ष 2016 में भगरतोला-चमुवा-कपकोली मोटर मार्ग का निर्माण हुआ। कई सालों बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हो सका है। इस कारण भगरतोला, कदौरी, सिगोला, उडियार, चमुवा, खेतीगैर, कपकोली, पपगाड सहित कई गांवों के लोग जान को जोखिम में डालकर इस मार्ग से सफर करने के लिए मजबूर हैं। बारिश में मार्ग की हालत काफी खराब हो जाती है। जगह-जगह जल भराव हो जाता है। इस कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। क्षेत्र के प्रकाश चंद्र भट्ट, नवीन चंद्र भट्ट, पूरन चंद्र भट्ट आदि क्षेत्र की उपेक्षा पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर जल्द डामरीकरण नहीं हुआ तो स्थानीय लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
किसानों को उपज बाजार लाने के लिए देना पड़ता है अधिक भाड़ा
अल्मोड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि कच्चे मार्ग से सफर करने पर टैक्सी चालक मनमाना किराया लेते हैं। उत्पादित सब्जी, फल और अनाज को स्थानीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को वाहन का अधिक किराया चुकाना पड़ता है। इससे किसानों को मुनाफा कम, नुकसान अधिक झेलना पड़ रहा है।
विज्ञापन
वन विभाग से विधिवत स्वीकृति की कार्रवाई गतिमान है। इसके बाद सड़क पर डामरीकरण संभव है।
हरीश चंद्र जोशी, एई लोनिवि निर्माण खंड अल्मोड़ा।
विज्ञापन
वर्ष 2016 में भगरतोला-चमुवा-कपकोली मोटर मार्ग का निर्माण हुआ। कई सालों बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हो सका है। इस कारण भगरतोला, कदौरी, सिगोला, उडियार, चमुवा, खेतीगैर, कपकोली, पपगाड सहित कई गांवों के लोग जान को जोखिम में डालकर इस मार्ग से सफर करने के लिए मजबूर हैं। बारिश में मार्ग की हालत काफी खराब हो जाती है। जगह-जगह जल भराव हो जाता है। इस कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। क्षेत्र के प्रकाश चंद्र भट्ट, नवीन चंद्र भट्ट, पूरन चंद्र भट्ट आदि क्षेत्र की उपेक्षा पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर जल्द डामरीकरण नहीं हुआ तो स्थानीय लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
विज्ञापन
किसानों को उपज बाजार लाने के लिए देना पड़ता है अधिक भाड़ा
अल्मोड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि कच्चे मार्ग से सफर करने पर टैक्सी चालक मनमाना किराया लेते हैं। उत्पादित सब्जी, फल और अनाज को स्थानीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को वाहन का अधिक किराया चुकाना पड़ता है। इससे किसानों को मुनाफा कम, नुकसान अधिक झेलना पड़ रहा है।
विज्ञापन
वन विभाग से विधिवत स्वीकृति की कार्रवाई गतिमान है। इसके बाद सड़क पर डामरीकरण संभव है।
हरीश चंद्र जोशी, एई लोनिवि निर्माण खंड अल्मोड़ा।