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रानीखेत में कवि सम्मानित

Thu, 09 Jun 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)। Updated Thu, 09 Jun 2016 01:08 AM IST
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Poet honored in Ranikhet
रानीखेत में कवि सम्मानित - फोटो : अमर उजाला

रानीखेत (अल्मोड़ा)। लोक झलक समारोह ने स्थगित हुए ग्रीष्मोत्सव की कमी को पाटने का काम किया है। समारोह की पहली रात काव्य गोष्ठी के नाम रही। ‘शीश भले ही कट जाए, पर गौ माता को नहीं कटने देंगे’ जैसी कविताओं के माध्यम से जहां गाय के संरक्षण का संकल्प लिया गया, वहीं देश की आन-बान और शान की खिलाफत करने वालों पर भी जमकर कटाक्ष किए गए। श्रंगार और वीर रस के कवियों ने ऐसा समां बांधा कि रात्रि 12 बजे तक लोग डटे रहे। कई पर्यटक भी देर रात तक समारोह का लुत्फ उठाते रहे। इससे पहले सभी कवियों को सम्मानित भी किया गया।

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ग्रीष्मोत्सव के स्थगित होने के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी मायूसी थी यह महोत्सव आजादी के बाद से निरंतर चल रहा था, इसके माध्यम से जहां विद्यालयी सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच मिलता था, वहीं खेल गतिविधियों को भी आगे बढ़ने का मौका मिल रहा था, इस बार यह मेला स्थगित हो गया, लेकिन स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयासों से लोक झलक के नाम से तीन दिवसीय समारोह का आयोजन किया गया है। समारोह की शुरुआत सांस्कृतिक शोभा यात्रा और काव्य गोष्ठी के माध्यम से हुई। काव्य गोष्ठी की शुरुआत जयपुर के राष्ट्रवादी कवि अब्दुल गफ्फार गौ भक्त ने की।
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उन्होंने कहा कि भारत भूमि की शान गौमाता, इस मिट्टी की पहचान गौमाता, शीश भले ही कट जाए पर गौ माता को नहीं कटने देंगे के माध्यम से गौ माता के संरक्षण का संकल्प दिलाया। इंदौर से आई कवि डा. भुवन मोहिनी ने श्रृंगाररस की कविताओं के माध्यम से युवा हृदय को गुदगुदाया। कोटा के कवि सुरेंद्र यादवेंदु ने शहीद सैनिक हनुमंत थप्पा को केंद्र में रखकर कहा कि छह दिन तक मरकर जिसके पास काल नहीं फटका, दुनिया भर नहीं देखी ऐसी मिसाल के माध्यम से देश भक्ति से संबंधित कविता प्रस्तुत की।
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जबलपुर से सुदीप ओझा, अल्मोड़ा के मनीष अमन ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से बेटियों के संरक्षण का आह्वान किया। इससे पहले आयोजन समिति  डा. विपिन शाह, विमल सती, पूर्व विधायक करन माहरा आदि ने स्मृति चिह्न देकर कवियों को सम्मानित किया। 


रानीखेत। लोक झलक कार्यक्रम के तहत नौ जून और 10 जून को ऐंपण, फैंसी ड्रेस, मेहंदी और व्यंजन प्रतियोगिता समारोह के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके लिए महिलाओं और बच्चों के बीच विभिन्न वर्गों की प्रतियोगिताएं होंगी। प्रतियोगिताओं को लेकर बच्चों में खासा उत्साह है।

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