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जंगल की आग में सबसे ज्यादा झुलसा पिथौरागढ़

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Apr 2021 12:02 AM IST
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Pithoragarh is the worst in forest fire
जंगल की आग फाइल फोटो - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा (नरेंद्र देव सिंह)। इस साल वनाग्नि की घटनाओं से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंच रहा है। फायर सीजन को अभी दो माह भी नहीं बीते हैं कि सैकड़ों हेक्टेयर जंगल जल गया है। वन विभाग के उत्तरी कुमाऊं वृत्त कार्यालय के अनुसार इस साल फायर सीजन में 15 फरवरी से अभी तक उत्तरी कुमाऊं वृत्त के अंतर्गत आने वाले चार जनपदों में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में सबसे ज्यादा पिथौरागढ़ जनपद के जंगलों में आग लगी है। इन चार जिलों में कुल 858.16 हेक्टेयर जंगल जल गया है।
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इसमें सबसे ज्यादा 317.90 हेक्टेयर जंगल पिथौरागढ़ जनपद में जला है। दूसरे नंबर पर अल्मोड़ा जनपद में 311.35 हेक्टेयर, बागेश्वर जनपद में 179.34 हेक्टेयर और तीसरे नंबर पर चंपावत में 49.57 हेक्टेयर जंगल जल चुका है। अल्मोड़ा वन प्रभाग में रिजर्व फोरेस्ट में 179.75 हेक्टेयर, सिविल और वन पंचायत में 36.25 हेक्टेयर जंगल में आग लग चुकी है, जबकि सिविल सोयम डिविजन में रिजर्व फॉरेस्ट में 28 हेक्टेयर और सिविल और ग्राम पंचायत में 67.35 हेक्टेयर जंगल जल चुका है। जबकि पिछले साल पूूरे उत्तराखंड में फायर सीजन में केवल 158 हेक्टेयर जंगल में आग लगी थी। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस साल बारिश कम होने की वजह से जंगल अभी से आग पकड़ रहे हैं, जबकि अभी गर्मी की शुरुआत ही हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में वनाग्नि को रोकने के लिए काफी मेहनत की जरूरत है।
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अल्मोड़ा वन प्रभाग में जंगल की आग में जल गए 5690 पेड़
अल्मोड़ा जनपद में अभी तक 5690 पेड़ जलकर राख हो गए हैं। इसमें जनपद के अल्मोड़ा वन प्रभाग में 3190 और सिविल सोयम डिविजन में 2500 पेड़ जले हैं। इसके अलावा इस साल अभी तक सिविल सोयम वन प्रभाग के ठाणा मठेना में दो महिलाएं, बागेश्वर वन प्रभाग के ग्राम पंचायत दोबाड़ में एक महिला और एक पुरुष की मृत्यु वनाग्नि की चपेट में आने से हुई है। जबकि अल्मोड़ा वन प्रभाग के के अंतर्गत भिकियासैंण के गांव कुम्हार्थी में वनाग्नि की चपेट में आने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी है।
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24 लाख से ज्यादा की संपत्ति जली
वनाग्नि की घटनाओं से होने वाले नुकसान का आकलन रुपयों में भी किया जा रहा है। अल्मोड़ा जनपद के अल्मोड़ा वन प्रभाग में अभी तक 722132 लाख, सिविल सोयम वन प्रभाग में 325550 लाख, चंपावत वन प्रभाग में 107160 लाख, पिथौरागढ़ वन प्रभाग में 803400 और बागेश्वर वन प्रभाग में 538020 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। कुल 2496262 लाख का नुकसान का आकलन है।

वन विभाग के उत्तरी कुमाऊं वृत्त में वनाग्नि की घटनाओं का जायजा लिया जा रहा है। वन विभाग की पूरी कोशिश है कि वनाग्नि की घटनाओं पर जल्द काबू पाया जाए। जिसमें सभी लोगों को सहयोग करना होगा।-प्रवीण कुमार, वन संरक्षक, उत्तरी कुमाऊं वृत्त
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