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Almora News: राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण में स्थापित की जाए
Sun, 12 Mar 2023 11:30 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 12 Mar 2023 11:30 PM IST
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अल्मोड़ा। राज्य आंदोलनकारियों की सरकार के खिलाफ निकली तीन दिवसीय रथ यात्रा रविवार को द्वाराहाट, चौखुटिया, मासी, जैनल होते हुए भिकियासैंण पहुंच कर संपन्न हो गई। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण में स्थापित की जाए। इसके अलावा विकास का कोई अन्य विकल्प नहीं है।
वक्ताओं ने कहा कि राज्य बनने के 22 साल के अधूरे विकास से सिद्ध हो गया है कि देहरादून से राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों का विकास नहीं हो सकता। विधानसभा क्षेत्रों का भौगोलिक आधार पर परिसीमन, उत्तराखंड को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करना उत्तराखंड के विकास के लिए जरूरी हो गया है लेकिन ये सब वर्तमान जन प्रतिनिधियों के चलते संभव नहीं होगा। जन प्रतिनिधियों पर अपने राष्ट्रीय नेताओं का भारी दबाव है इसलिए चाहे राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान की बात हो या फिर जन समस्याओं की उन्हें खुद लड़ाई लड़नी होगी।
राज्य आंदोलनकारियों ने युवाओं, बेरोजगारों, रिटायर्ड कर्मचारियों और अन्य विभिन्न मुद्दों पर पृथक लड़ाई लड़ रहे लोगों से एक मंच पर आकर संयुक्त रूप से संघर्ष करने का आह्वान किया। इस मौके पर ब्रह्मानंद डालाकोटी, शिवराज बनौला, दौलत सिंह बगड़वाल, देवनाथ गोस्वामी, विशंभर पेटशाली, मोहन तिवारी, विपिन पंत, वीरेंद्र बजेठा, परमानंद कांडपाल, बलवंत नेगी, नरेंद्र मेहरा, प्रेम सिंह अटवाल, पुष्कर पाल सिंह, आनंद नाथ गोस्वामी आदि मौजूद थे।
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वक्ताओं ने कहा कि राज्य बनने के 22 साल के अधूरे विकास से सिद्ध हो गया है कि देहरादून से राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों का विकास नहीं हो सकता। विधानसभा क्षेत्रों का भौगोलिक आधार पर परिसीमन, उत्तराखंड को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करना उत्तराखंड के विकास के लिए जरूरी हो गया है लेकिन ये सब वर्तमान जन प्रतिनिधियों के चलते संभव नहीं होगा। जन प्रतिनिधियों पर अपने राष्ट्रीय नेताओं का भारी दबाव है इसलिए चाहे राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान की बात हो या फिर जन समस्याओं की उन्हें खुद लड़ाई लड़नी होगी।
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राज्य आंदोलनकारियों ने युवाओं, बेरोजगारों, रिटायर्ड कर्मचारियों और अन्य विभिन्न मुद्दों पर पृथक लड़ाई लड़ रहे लोगों से एक मंच पर आकर संयुक्त रूप से संघर्ष करने का आह्वान किया। इस मौके पर ब्रह्मानंद डालाकोटी, शिवराज बनौला, दौलत सिंह बगड़वाल, देवनाथ गोस्वामी, विशंभर पेटशाली, मोहन तिवारी, विपिन पंत, वीरेंद्र बजेठा, परमानंद कांडपाल, बलवंत नेगी, नरेंद्र मेहरा, प्रेम सिंह अटवाल, पुष्कर पाल सिंह, आनंद नाथ गोस्वामी आदि मौजूद थे।
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