{"_id":"6696c98236401f100c04be34","slug":"people-face-the-problems-almora-news-c-231-1-shld1004-108071-2024-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: आंतरिक हिस्सों में नहीं चलती रोडवेज बस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: आंतरिक हिस्सों में नहीं चलती रोडवेज बस
Wed, 17 Jul 2024 12:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 17 Jul 2024 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। रोडवेज डिपो बनने के बाद भी जिले के आंतरिक हिस्सों में रोडवेज की बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। डिपो के शुभारंभ के समय बाहरी जिलों, अन्य प्रदेशों और जिले के आंतरिक हिस्सों के लिए बस सेवाओं का संचालन करने के सब्जबाग दिखाए गए थे। ऐसा कुछ नहीं हुआ।
लंबी जद्दोजहद के बाद चार सितंबर 2022 को बागेश्वर में रोडवेज डिपो अस्तित्व में आया। डिपो के उद्घाटन के समय मुख्यमंत्री, तत्कालीन परिवहन मंत्री और परिवहन निगम के अधिकारियों ने डिपो से बाहरी प्रदेशों के साथ ही अन्य जिलों और जिले के आंतरिक हिस्सों में बसों का संचालन कराने की बात कही थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।
डिपो से बरेली के लिए एक और दिल्ली के लिए तीन बस सेवाओं का संचालन होता है। धरमघर और मुनस्यारी से दिल्ली के लिए संचालित बस सेवाओं का संचालन पिछले चार महीने से जिला मुख्यालय से हो रहा है। यानि कि बसें धरमघर और मुनस्यारी नहीं जा रही हैं। जिले के ग्रामीण इलाकों में एक भी बस सेवा का संचालन नहीं होता है। डिपो स्थापना के बाद से बस और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। डिपो के पास 15 बसों के बेड़ा है। इनमें से नौ बस नौ लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं। पहाड़ी इलाकों में सात लाख किमी से अधिक चलने के बाद बसों को कंडम घोषित कर दिया जाता है। डिपो में 31 के स्थान पर 24 चालक हैं। 28 के स्थान पर 21 परिचालकों की तैनाती है। डिपो की कार्यशाला में स्थायी फोरमैन तक नहीं है।
विज्ञापन
रोडवेज डिपो को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है। डिपो को नई दिलाने के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। आंतरिक मार्गों में बसों का संचालन कराने का प्रयास किया जाएगा।
पार्वती दास, विधायक, बागेश्वर।
विज्ञापन
लंबी जद्दोजहद के बाद चार सितंबर 2022 को बागेश्वर में रोडवेज डिपो अस्तित्व में आया। डिपो के उद्घाटन के समय मुख्यमंत्री, तत्कालीन परिवहन मंत्री और परिवहन निगम के अधिकारियों ने डिपो से बाहरी प्रदेशों के साथ ही अन्य जिलों और जिले के आंतरिक हिस्सों में बसों का संचालन कराने की बात कही थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
डिपो से बरेली के लिए एक और दिल्ली के लिए तीन बस सेवाओं का संचालन होता है। धरमघर और मुनस्यारी से दिल्ली के लिए संचालित बस सेवाओं का संचालन पिछले चार महीने से जिला मुख्यालय से हो रहा है। यानि कि बसें धरमघर और मुनस्यारी नहीं जा रही हैं। जिले के ग्रामीण इलाकों में एक भी बस सेवा का संचालन नहीं होता है। डिपो स्थापना के बाद से बस और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। डिपो के पास 15 बसों के बेड़ा है। इनमें से नौ बस नौ लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं। पहाड़ी इलाकों में सात लाख किमी से अधिक चलने के बाद बसों को कंडम घोषित कर दिया जाता है। डिपो में 31 के स्थान पर 24 चालक हैं। 28 के स्थान पर 21 परिचालकों की तैनाती है। डिपो की कार्यशाला में स्थायी फोरमैन तक नहीं है।
विज्ञापन
रोडवेज डिपो को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है। डिपो को नई दिलाने के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। आंतरिक मार्गों में बसों का संचालन कराने का प्रयास किया जाएगा।
पार्वती दास, विधायक, बागेश्वर।