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Almora News: गर्मी और बारिश के मौसम में बढ़े डायरिया, पीलिया के मरीज
Fri, 31 May 2024 12:23 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 31 May 2024 12:23 AM IST
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अल्मोड़ा। जिले में गर्मी बढ़ने के साथ बारिश से डायरिया और पीलिया का प्रकोप बढ़ने लगा है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग इन रोगों की चपेट में आ रहे हैं और ओपीडी भी बढ़ गई है। जिला अस्पताल में एक सप्ताह में ही ओपीडी में 35 फीसदी का उछाल आया है और पीलिया, डायरिया के मरीजों की संख्या भी दोगुनी हो गई है।
गर्मी के साथ ही बारिश लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। मौसम बदलते ही लोग पीलिया और डायरिया की चपेट में आने लगे हैं। जिला अस्पताल के फिजिशयन डॉ. हरीश आर्या ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व तक अस्पताल में ओपीडी रोजाना 300 से 350 पहुंच रही थी जो अब बढ़कर 450 हो गई है। लोग पीलिया और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। बताया कि एक सप्ताह पूर्व तक इन रोगों से जूझते हुए पांच से छह मरीज अस्पताल पहुंच रहे थे। अब 10 से 15 मरीज पहुंच रहे हैं। गंभीर हालत को देखते हुए दो से तीन मरीजों को हर रोज भर्ती भी करना पड़ रहा है। मौसम में बदलाव, दूषित खान-पान इन रोगों का मुख्य कारण है। संवाद
लक्षण
पेट में ऐंठन और दर्द, मितली और उल्टी, बुखार आना, भूख में कमी, आखों, नाखूनों और चमड़ी में पीलापन, कमजोरी और थकान महसूस होना।
बचाव
अधिक और शुद्ध पानी का प्रयोग, दूषित खाद्य सामग्री के प्रयोग से बचाव, उल्टी-दस्त में ओआरएस का घोल लेना, लक्षण दिखते ही चिकित्सक की सलाह जरूरी।
डायरिया और पीलिया जीवाणु और विषाणु जनित रोग है। सावधानी बरतना जरूरी है। इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। -डॉ. हरीश आर्या, फिजीशियन, जिला अस्पताल अल्मोड़ा।
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गर्मी के साथ ही बारिश लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। मौसम बदलते ही लोग पीलिया और डायरिया की चपेट में आने लगे हैं। जिला अस्पताल के फिजिशयन डॉ. हरीश आर्या ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व तक अस्पताल में ओपीडी रोजाना 300 से 350 पहुंच रही थी जो अब बढ़कर 450 हो गई है। लोग पीलिया और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। बताया कि एक सप्ताह पूर्व तक इन रोगों से जूझते हुए पांच से छह मरीज अस्पताल पहुंच रहे थे। अब 10 से 15 मरीज पहुंच रहे हैं। गंभीर हालत को देखते हुए दो से तीन मरीजों को हर रोज भर्ती भी करना पड़ रहा है। मौसम में बदलाव, दूषित खान-पान इन रोगों का मुख्य कारण है। संवाद
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लक्षण
पेट में ऐंठन और दर्द, मितली और उल्टी, बुखार आना, भूख में कमी, आखों, नाखूनों और चमड़ी में पीलापन, कमजोरी और थकान महसूस होना।
बचाव
अधिक और शुद्ध पानी का प्रयोग, दूषित खाद्य सामग्री के प्रयोग से बचाव, उल्टी-दस्त में ओआरएस का घोल लेना, लक्षण दिखते ही चिकित्सक की सलाह जरूरी।
डायरिया और पीलिया जीवाणु और विषाणु जनित रोग है। सावधानी बरतना जरूरी है। इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। -डॉ. हरीश आर्या, फिजीशियन, जिला अस्पताल अल्मोड़ा।
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