{"_id":"621e675701281830a35bd323","slug":"people-dependent-on-streams-and-rivers-almora-news-hld455166863","type":"story","status":"publish","title_hn":"धारे और नौलों पर निर्भर लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धारे और नौलों पर निर्भर लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। पेयजल समस्या दूर करने के लिए सरकार हर घर नल, हर घर जल योजना चला रही है। इसके तहत लोगों को नल से पानी की सुविधा देने का दावा किया जा रहा है लेकिन आज भी शहर से सटे कुछ गांव ऐसे हैं जहां लोग पेयजल के लिए परेशान हैं। यहां पेयजल कनेक्शन न होने से लोग धारे और नौलों पर पेयजल के लिए निर्भर हैं। जनप्रतिनिधियों के साथ ही पेयजल व्यवस्था करने वाले सरकारी महकमे भी उनकी समस्या नहीं सुलझा रहे हैं।
नगर से सटे धारानौला के पास स्थित है बख दामूधार गांव। वहां पांच परिवार रहते हैं, जिनके पास पेयजल लाइन की कोई व्यवस्था नहीं है। घर के रोजमर्रा के काम के लिए यहां की निवासी धारे से पानी लाते हैं और पेयजल के लिए इन्हें नौलों का सहारा लेना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पेयजल समस्या के लिए कई आर जनप्रतिनिधियों के आगे गुहार लगा चुके हैं। कई नेता समस्या सुलझाने का आश्वासन दे रहे हैं। संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी समस्या बताई है लेकिन उनके पास भी समस्या का समाधान नहीं है। हालात यह है कि सुबह होते ही लोग पेयजल व्यवस्था में जुट जाते हैं। लोगों का अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में निकल जाता है, जिससे घर परिवार के काम भी बाधित होते हैं। घर में कोई बड़ा आयोजन होने पर छोटे बच्चों को भी पानी की व्यवस्था में जुटना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी बाधित होती है। लंबे समय से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
क्या कहते हैं लोग
पानी के लिए लोग धारे, नौलों पर निर्भर होने के कारण रात के समय पानी लाने में परेशानी होती है। रात के समय पानी लाने में वन्यजीवों का भी खतरा रहता है। पेयजल समस्या को विभाग को गंभीरता से लेना चाहिए। - गांगुली देवी।
विज्ञापन
पानी के लिए गर्मी के मौसम में काफी परेशानी होती है। पेयजल कनेक्शन न होने के कारण हम लोग सीर और नौले के पानी से गुजारा करते हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों को समस्या बताई लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। - भावना देवी।
हमारे मोहल्ले में पानी का संकट सालों से है, जिस कारण हम लोग पानी के लिए सबसे अधिक परेशान रहते हैं। अगर घर में कोई बड़ा आयोजन होता है तो घर के सभी सदस्यों को पानी की व्यवस्था के लिए जुटना पड़ता हैै। - पार्वती देवी।
गर्मी के मौसम में धारे और नौले में भी पानी की मात्रा कम हो जाती है ऐसे में क्षेत्र के लोगों को दूरदराज पैदल चलकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है इससे लोगों के घर के कामकाज और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होते हैं। - दीवान राम।
विज्ञापन
नगर से सटे धारानौला के पास स्थित है बख दामूधार गांव। वहां पांच परिवार रहते हैं, जिनके पास पेयजल लाइन की कोई व्यवस्था नहीं है। घर के रोजमर्रा के काम के लिए यहां की निवासी धारे से पानी लाते हैं और पेयजल के लिए इन्हें नौलों का सहारा लेना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पेयजल समस्या के लिए कई आर जनप्रतिनिधियों के आगे गुहार लगा चुके हैं। कई नेता समस्या सुलझाने का आश्वासन दे रहे हैं। संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी समस्या बताई है लेकिन उनके पास भी समस्या का समाधान नहीं है। हालात यह है कि सुबह होते ही लोग पेयजल व्यवस्था में जुट जाते हैं। लोगों का अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में निकल जाता है, जिससे घर परिवार के काम भी बाधित होते हैं। घर में कोई बड़ा आयोजन होने पर छोटे बच्चों को भी पानी की व्यवस्था में जुटना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी बाधित होती है। लंबे समय से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं लोग
पानी के लिए लोग धारे, नौलों पर निर्भर होने के कारण रात के समय पानी लाने में परेशानी होती है। रात के समय पानी लाने में वन्यजीवों का भी खतरा रहता है। पेयजल समस्या को विभाग को गंभीरता से लेना चाहिए। - गांगुली देवी।
विज्ञापन
पानी के लिए गर्मी के मौसम में काफी परेशानी होती है। पेयजल कनेक्शन न होने के कारण हम लोग सीर और नौले के पानी से गुजारा करते हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों को समस्या बताई लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। - भावना देवी।
हमारे मोहल्ले में पानी का संकट सालों से है, जिस कारण हम लोग पानी के लिए सबसे अधिक परेशान रहते हैं। अगर घर में कोई बड़ा आयोजन होता है तो घर के सभी सदस्यों को पानी की व्यवस्था के लिए जुटना पड़ता हैै। - पार्वती देवी।
गर्मी के मौसम में धारे और नौले में भी पानी की मात्रा कम हो जाती है ऐसे में क्षेत्र के लोगों को दूरदराज पैदल चलकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है इससे लोगों के घर के कामकाज और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होते हैं। - दीवान राम।