जिला अस्पताल में डाक्टरों को खोजते नजर आए मरीज
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पंडित हर गोविंद पंत जिला अस्पताल डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में हर रोज करीब 250 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन डाक्टरों के अभाव से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। अस्पताल में स्वीकृत 26 पदों में से सिर्फ आठ पदों पर ही डाक्टर कार्यरत हैं। इनमें पीएमएस और सीएमएस भी शामिल हैं। अस्पताल में फिजीशियन, सर्जन, ईएनटी, कार्डियोलॉजिस्ट और स्किन रोग विशेषज्ञों के पद भी रिक्त हैं। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को जिला अस्पताल की स्थिति का जायजा लिया तो वहां पहुंचे अधिकांश मरीज डाक्टरों को खोजते नजर आए।
मंगलवार सुबह 9.30 बजे अस्पताल में पर्ची काटने वाले मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। जिनमें से अधिकांश मरीज ईएनटी डाक्टर और सर्जन को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जब मरीज ईएनटी रोग विशेषज्ञ और सर्जन कक्ष के पास गए तो उनका कक्ष बंद मिला। कारण जानने पर पता चला कि ईएनटी रोग विशेषज्ञ का पद पिछले दो साल से खाली है जबकि सर्जन का पद तीन माह से खाली है। सर्जन कक्ष का भी यही हाल था। मरीज खुद को दिखाने पहुंचे तो कक्ष में ताला लगा होने के कारण परेशान होकर वापस जाने लगे।
इधर हड्डी विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर भी मरीज अस्पताल कर्मचारी से उनके बारे में पूछते दिखे। हालांकि हड्डी विशेषज्ञ उस वक्त आपरेशन करने में व्यस्त थे। उन्होंने ऑपरेशन करने के बाद मरीजों को देखा। मालूम हो कि जिला अस्पताल में आसपास के ग्रामीण इलाकों से ही नहीं बागेश्वर, पिथौरागढ़ से भी रोगी गंभीर इलाज के लिए पहुंचते हैं। विशेषज्ञ डाक्टर नहीं होने पर बेहतर इलाज के लिए मरीज और उनके तीमारदारों को हायर सेंटर जाने को मजबूर होना पड़ता है।