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पंचायत प्रतिनिधियों ने किया चक्काजाम
Fri, 05 Jul 2019 12:30 AM IST
दीपक नेगी
अमर उजाला ब्यूरो मौलेखाल (अल्मोड़ा)।
अमर उजाला ब्यूरो मौलेखाल (अल्मोड़ा)।
Published by: दीपक नेगी
Updated Fri, 05 Jul 2019 12:30 AM IST
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मौलेखाल में चक्काजाम करते पंचायत प्रतिनिधि।
- फोटो : amar ujala
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सरकार द्वारा लागू नए पंचायत एक्ट से पंचायत प्रतिनिधि भड़क गए हैं। उन्होंने मौलेखाल बाजार में डेढ़ घंटे चक्काजाम किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और नए पंचायत एक्ट में संशोधन की मांग उठाई।
पंचायत एक्ट में संशोधन लागू करने की मांग को लेकर क्षेत्र के ग्राम प्रधान, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य दिन में मौलेखाल बाजार में एकत्र हुए और उन्होंने दोपहर 12 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक सड़क पर जाम लगाया। उन्होंने नए पंचायत एक्ट में सरकार से जल्द संशोधन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती आंदोलन चलता रहेगा।
क्षेत्र के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना कार से एक बैठक में भाग लेने जा रहे तो प्रदर्शनकारियों ने बाजार में उनके वाहन को रोका और उनका घेराव किया। पंचायत प्रतिनिधियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रदेश सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य के 70 विधायकों में से किसी भी विधायक ने एक्ट का विरोध नहीं किया। आखिरकार बिल सदन में पास कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अनपढ़ लोगों ने देश को स्वतंत्रता दिलाई, लेकिन भाजपा ऐसे लोगों को अपमानित कर रही है। विधायक सांसद और मंत्री बनने के लिए शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों के लिए शैक्षिक योग्यता और बच्चों की बाध्यता जनविरोधी निर्णय है।
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प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, बीडीसी सदस्य सोबन सिंह बोरा, मोहन सिंह रावत, मदन मोहन, अमित रावत, प्रेम चंद्र, हरीश चंद्र, श्याम सिंह, कुंदन सिंह, गणेशी देवी, देवकी देवी, बबीता देवी आदि ने भाग लिया।
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पंचायत एक्ट में संशोधन लागू करने की मांग को लेकर क्षेत्र के ग्राम प्रधान, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य दिन में मौलेखाल बाजार में एकत्र हुए और उन्होंने दोपहर 12 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक सड़क पर जाम लगाया। उन्होंने नए पंचायत एक्ट में सरकार से जल्द संशोधन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती आंदोलन चलता रहेगा।
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क्षेत्र के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना कार से एक बैठक में भाग लेने जा रहे तो प्रदर्शनकारियों ने बाजार में उनके वाहन को रोका और उनका घेराव किया। पंचायत प्रतिनिधियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रदेश सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य के 70 विधायकों में से किसी भी विधायक ने एक्ट का विरोध नहीं किया। आखिरकार बिल सदन में पास कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अनपढ़ लोगों ने देश को स्वतंत्रता दिलाई, लेकिन भाजपा ऐसे लोगों को अपमानित कर रही है। विधायक सांसद और मंत्री बनने के लिए शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों के लिए शैक्षिक योग्यता और बच्चों की बाध्यता जनविरोधी निर्णय है।
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प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, बीडीसी सदस्य सोबन सिंह बोरा, मोहन सिंह रावत, मदन मोहन, अमित रावत, प्रेम चंद्र, हरीश चंद्र, श्याम सिंह, कुंदन सिंह, गणेशी देवी, देवकी देवी, बबीता देवी आदि ने भाग लिया।