{"_id":"5a60d63c4f1c1ba0268b51ce","slug":"opposition-to-include-remote-villages-in-municipality","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूरस्थ गांवों को पालिका में शामिल करने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूरस्थ गांवों को पालिका में शामिल करने का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Thu, 18 Jan 2018 10:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम बचाओ संघर्ष समिति की चौघानपाटा में हुई बैठक में दूरस्थ गांवों को पालिका में शामिल करने का विरोध किया गया। ऐलान किया गया कि यदि जल्द सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों की दलगत प्रतिद्वंद्विता का यह परिणाम है कि दूरस्थ गांवों को पालिका में शामिल कर दिया गया है, जो कि ग्रामीण जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम ग्रामीण जनता के हितों के खिलाफ है। चेताया कि सरकार ने यदि यह जनविरोधी निर्णय वापस नहीं लिया तो जनता को साथ लेकर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
बैठक में संघर्ष समिति के अध्यक्ष ज्येष्ठ उप प्रमुख महेश चंद्र, मंत्री एम चंद्र, कोषाध्यक्ष अंबी राम आर्य, महंत योगी सुंदर नाथ, सुरेंद्र लाल टम्टा, केपी जोशी, रघुनाथ सिंह, रैलापाली की प्रधान रिंकू आर्या, दुगालखोला की प्रधान मीरा देवी, खगमराकोट की प्रधान रंजना टम्टा, अथरमणि की प्रधान मोहनी देवी, पांडेखोला की प्रधान दीपा भंडारी, मनोज जोशी, रघुनाथ रावत आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन
इधर जनकल्याण समिति इंदिरा कालोनी खत्याड़ी के महासचिव केपी जोशी ने डीएम को दिए ज्ञापन में इंदिरा कालोनी को पालिका में शामिल करने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि खत्याड़ी ग्राम पंचायत के भू अभिलेखों के अनुसार इंदिरा कालोनी कोई तोक अथवा मोहल्ला नहीं है। उन्होंने पूछा है कि राजस्व ग्राम खत्याड़ी के किस नियम के अनुसार दो भाग कर दिए गए और इंदिरा कालोनी को पालिका में कैसे शामिल कर दिया गया।
रैलापाली गांव भी नहीं होना चाहता पालिका में शामिल
ग्राम पंचायत रैलापाली में हुई बैठक में वक्ताओं ने रैलापाली ग्राम पंचायत को नगर पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल करने का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और जनप्रतिनिधियों द्वारा साजिश के तहत रैलापाली को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नगर के आसपास के गांवों को पालिका में नहीं मिलाया गया है जबकि नगर से दूर रैलापाली को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल कर दिया है। पालिका क्षेत्र में शामिल होने पर ग्रामीणों को भवन कर समेत कई प्रकार का टैक्स अदा करना पड़ेगा। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि रैलापाली गांव अल्मोड़ा से काफी दूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पालिका सीमा विस्तार में नगर के आसपास के गांवों को छोड़ दिया गया है जबकि दूरस्थ गांव को पालिका में शामिल कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि यदि रैलापाली को जबरन नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
बैठक में प्रधान रिंकू आर्या, उप प्रधान हरीश लाल, अंबी राम, नरी राम, हरी राम, कमल प्रसाद, रमेश राम, रिता आर्या, चंद्रा, दुर्गा देवी, प्रेमा देवी, पुष्पा देवी आदि मौजूद थे। बैठक के बाद ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।