{"_id":"649c78b3e7645d13c4082de8","slug":"old-school-in-naikana-paisiya-almora-news-c-8-1-177916-2023-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: बरसात में कैसे खुलेंगे स्कूल के दरवाजे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: बरसात में कैसे खुलेंगे स्कूल के दरवाजे
Wed, 28 Jun 2023 11:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 28 Jun 2023 11:45 PM IST
विज्ञापन
इस तरह बदहाल है प्राथमिक विद्यालय नैकणा की छत। संवाद
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। वर्ष 2018 की आपदा में उड़ी सल्ट विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय नैकणा के भवन में लगी टिन की छत नहीं सुधारी जा सकी है। इस कारण बरसात में न तो विद्यार्थी कक्षों में बैठ पाते हैं और न ही बरामदे में। ऐसे में बारिश होने पर स्कूल में छुट्टी करनी पड़ती है। यह सिलसिला पांच साल से चल रहा है। अब फिर से बरसात शुरू होने के कारण शिक्षकों, विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावकों के चेहरे पर भी चिंता की लकीरें गहरा गईं हैं।
प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और यहां तैनात शिक्षकों के लिए हर बारिश किसी आपदा से कम नहीं है। बदहाल छत से कक्षों में प्रवेश करने वाली रोशनी शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावों को आइना दिखाने का काम रही है। वहां अगले माह से 10 से अधिक विद्यार्थी पढ़ने आएंगे। बारिश का मौसम नजदीक आते ही फिर से इन विद्यार्थियों, शिक्षकों और इनके अभिभावकों की चिंता बढ़ने लगी है।
बदहाल रास्तों से तीन किमी दूर प्राथमिक विद्यालय पैसिया पहुंचना मुश्किल
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। वर्ष 2018 की आपदा में विद्यालय की छत उड़ने के बाद इस स्कूल का संचालन प्राथमिक विद्यालय पैसिया में किया गया लेकिन भारी बारिश और बदहाल रास्तों के बीच विद्यार्थी वहां नहीं पहुंच सके। मजबूरन बारिश थमने के बाद फिर से स्कूल संचालित हुआ लेकिन सुधारीकरण न होने से हर बारिश में स्कूल की छुट्टी का सिलसिला जारी रखना विद्यालय प्रबंधन की मजबूरी बन गया है।
विज्ञापन
ध्वस्तीकरण कर नए भवन के लिए 20 से अधिक बार भेजा गया प्रस्ताव
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। प्राथमिक विद्यालय नैकणा में बिना बारिश भी खतरा कम नहीं है। विद्यालय भवन की छत और दीवारें जर्जर हैं। हैरानी की बात यह है कि विभाग ने इसे ध्वस्त कर नए भवन का इन पांच साल में 20 से अधिक बार प्रस्ताव शासन में भेजा है जिसे स्वीकृति नहीं मिली है। बारिश में छुट्टी कर औपचारिकता निभाकर विद्यार्थियों की सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है।
विद्यालय भवन के नवनिर्माण के लिए कई बार प्रस्ताव भेजा गया है जिसे स्वीकृति का इंतजार है। बरसात में बच्चों को पढ़ाने के लिए अन्य भवन की तलाश की जा रही है। - हरेंद्र साह, खंड शिक्षा अधिकारी, सल्ट।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और यहां तैनात शिक्षकों के लिए हर बारिश किसी आपदा से कम नहीं है। बदहाल छत से कक्षों में प्रवेश करने वाली रोशनी शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावों को आइना दिखाने का काम रही है। वहां अगले माह से 10 से अधिक विद्यार्थी पढ़ने आएंगे। बारिश का मौसम नजदीक आते ही फिर से इन विद्यार्थियों, शिक्षकों और इनके अभिभावकों की चिंता बढ़ने लगी है।
विज्ञापन
बदहाल रास्तों से तीन किमी दूर प्राथमिक विद्यालय पैसिया पहुंचना मुश्किल
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। वर्ष 2018 की आपदा में विद्यालय की छत उड़ने के बाद इस स्कूल का संचालन प्राथमिक विद्यालय पैसिया में किया गया लेकिन भारी बारिश और बदहाल रास्तों के बीच विद्यार्थी वहां नहीं पहुंच सके। मजबूरन बारिश थमने के बाद फिर से स्कूल संचालित हुआ लेकिन सुधारीकरण न होने से हर बारिश में स्कूल की छुट्टी का सिलसिला जारी रखना विद्यालय प्रबंधन की मजबूरी बन गया है।
विज्ञापन
ध्वस्तीकरण कर नए भवन के लिए 20 से अधिक बार भेजा गया प्रस्ताव
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। प्राथमिक विद्यालय नैकणा में बिना बारिश भी खतरा कम नहीं है। विद्यालय भवन की छत और दीवारें जर्जर हैं। हैरानी की बात यह है कि विभाग ने इसे ध्वस्त कर नए भवन का इन पांच साल में 20 से अधिक बार प्रस्ताव शासन में भेजा है जिसे स्वीकृति नहीं मिली है। बारिश में छुट्टी कर औपचारिकता निभाकर विद्यार्थियों की सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है।
विद्यालय भवन के नवनिर्माण के लिए कई बार प्रस्ताव भेजा गया है जिसे स्वीकृति का इंतजार है। बरसात में बच्चों को पढ़ाने के लिए अन्य भवन की तलाश की जा रही है। - हरेंद्र साह, खंड शिक्षा अधिकारी, सल्ट।