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अब पानी चाहिए, आश्वासन नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 02 Feb 2015 11:13 PM IST
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नियमित पानी की आपूर्ति न होने से गुस्साए धरमघर, भौंरा, डढुली के ग्रामीणों का धरना जारी है। आंदोलनकारियों ने सोमवार को जल संस्थान कार्यालय पर तालाबंदी कर परिसर में धरना दिया और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों को समझाने जल संस्थान कार्यालय पहुंचे विधायक मदन बिष्ट की भी आंदोलनकारियों ने एक न सुनी, विधायक को बैरंग लौटना पड़ा। गगास से बनी वीसीटी केईटी पेयजल पंपिंग योजना से धरमगांव,भौंरा, डढुली को भी पानी की आपूर्ति होती है।
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ग्रामीणों का कहना है कि इस पुरानी योजना से क्षेत्र के छह हजार लोग निर्भर हैं, लेकिन पुनर्गठन, रखरखाव के अभाव में योजना से नियमित रूप से पानी नहीं मिल रहा है। कई बार पेयजल निगम, जल संस्थान के अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। योजना के पुनर्गठन, रखरखाव के लिए लगभग 30 लाख रुपया स्वीकृत हुआ था, लेकिन कार्य आज तक पूरा नहीं हुआ है। जिस कारण पानी का संकट बना हुआ है। आंदोलनकारियों से वार्ता के लिए आए विधायक मदन बिष्ट ने अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने आंदोलनकारियों को बताया कि 15 फरवरी तक समस्या हल हो जाएगी, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने।
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विधायक को बैरंग लौटना पड़ा। तालाबंदी करने वालों में प्रधान नीमा मठपाल, तारा देवी, संतोष बिष्ट, मनोज अधिकारी, जगदीश सिंह, त्रिलोक बजेठा, कुंवर सिंह, किशन भंडारी, उत्तम सिंह, हरीश मठपाल, श्याम सुंदर, दयाकृष्ण जोशी, भगवती बजेठा, जानकी देवी, हंसी देवी आदि मौजूद थे।
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