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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं हैं धरती के भगवान, मरीज हैं राम भरोसे
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जैंती (अल्मोड़ा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैंती की हालत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से भी बदतर है। इस अस्पताल में 12 वर्षों से तकनीशियन के अभाव में एक्स रे मशीन जंक खा रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, हड्डी रोग विशेषज्ञ तक के पद कई सालों से रिक्त चल रहे हैं। लैब तकनीशियन, एक्सरे तकनीशियन भी नहीं हैं। दांत में तकलीफ होने, हड्डी टूटने पर उपचार के लिए लोगों को 70 किमी दूर अल्मोड़ा या 120 किमी दूर हल्द्वानी जाना पड़ता है।
जैंती और आसपास की करीब 40 हजार की आबादी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैंती पर निर्भर है। एक्सरे कक्ष में ताला लटका है। इस कारण लोगों को 268 रुपये का एक्स-रे कराने के लिए अल्मोड़ा या हल्द्वानी जाना पड़ता है। इसके लिए 500 से हजार रुपये आने-जाने में किराया खर्च करना पड़ता है।
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हालत गंभीर होने पर टैक्सी वाला मरीज को लाने और ले जाने के तीन से पांच हजार रुपये तक ले लेता है। अस्पताल में बच्चों के लिए आईसीयू तक नहीं है। वेंटिलेटर की सुविधा भी यहां नहीं है। लोगों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सफेद हाथी साबित हो रहा है।
इन गांवों के लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी
जैंती तहसील के मल्ला बिनौला, तत्ला बिनौला, नया संग्रोली, बस्टा, कुंज, जैंती, कांडे, पुभाऊं, सुनाड़ी, भट्यूड़ा, कुटौली, कालाडुंगरा, शिल्पड़, बसगांव, भाबू बिराड़, ल्वाली, बचकांडे, ध्यूली धौनी, खाना खरकोटा, आराखेत, कुमालसो, दाड़िमी, नौगांव, सैनोली, चौकुना, बरम, मझाऊं, कनोली, बाराकोट, रज्यूड़ा समेत 60 से अधिक गांव के ग्रामीण।
सीएचसी जैंती में विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में लोगों को उपचार तक नहीं मिल पा रहा है। दांत दर्द होने पर अल्मोड़ा या फिर हल्द्वानी के चक्कर काटने पड़ते हैं। आने जाने में ही गांव के लोगों के कई पैसे खर्च हो जाते हैं।
बची सिंह बिष्ट, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जैंती
बच्चों के बीमार होने पर यहां तो भगवान ही मालिक है। सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण बच्चों के उपचार कराने में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार छोटे बच्चों की जान पर भी बन आती है।
ललित मोहन भट्ट, व्यवसायी जैंती
विशेषज्ञ डॉक्टरों के खाली पदों और तकनीशियन नहीं होने के बारे में कई बार शासन को लिखा जा चुका है। तकनीशियन की तैनाती होने पर ही क्षेत्रीय जनता को एक्सरे की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। कांग्रेस शासनकाल में अस्पताल को साधन संपन्न बनाया गया था लेकिन भाजपा सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर उदासीन बनी है। डॉक्टरों की नियुक्ति के मामले को वह सरकार के समक्ष रखते आ रहे हैं। - गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक
कांग्रेस विधायक पिछले दो दशक से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अस्पताल में मशीनें तो उपलब्ध कराई गई, लेकिन तकनीशियन नहीं भेजे गए। मशीनें जंक खा रही हैं। भाजपा सरकार अस्पतालों में डाक्टरों की तैनाती करने को प्रयासरत है। - सुभाष पांडे, भाजपा नेता, जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र।
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बाल रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, हड्डी रोग विशेषज्ञ तक के पद कई सालों से रिक्त चल रहे हैं। लैब तकनीशियन, एक्सरे तकनीशियन भी नहीं हैं। दांत में तकलीफ होने, हड्डी टूटने पर उपचार के लिए लोगों को 70 किमी दूर अल्मोड़ा या 120 किमी दूर हल्द्वानी जाना पड़ता है।
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जैंती और आसपास की करीब 40 हजार की आबादी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैंती पर निर्भर है। एक्सरे कक्ष में ताला लटका है। इस कारण लोगों को 268 रुपये का एक्स-रे कराने के लिए अल्मोड़ा या हल्द्वानी जाना पड़ता है। इसके लिए 500 से हजार रुपये आने-जाने में किराया खर्च करना पड़ता है।
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हालत गंभीर होने पर टैक्सी वाला मरीज को लाने और ले जाने के तीन से पांच हजार रुपये तक ले लेता है। अस्पताल में बच्चों के लिए आईसीयू तक नहीं है। वेंटिलेटर की सुविधा भी यहां नहीं है। लोगों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सफेद हाथी साबित हो रहा है।
इन गांवों के लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी
जैंती तहसील के मल्ला बिनौला, तत्ला बिनौला, नया संग्रोली, बस्टा, कुंज, जैंती, कांडे, पुभाऊं, सुनाड़ी, भट्यूड़ा, कुटौली, कालाडुंगरा, शिल्पड़, बसगांव, भाबू बिराड़, ल्वाली, बचकांडे, ध्यूली धौनी, खाना खरकोटा, आराखेत, कुमालसो, दाड़िमी, नौगांव, सैनोली, चौकुना, बरम, मझाऊं, कनोली, बाराकोट, रज्यूड़ा समेत 60 से अधिक गांव के ग्रामीण।
सीएचसी जैंती में विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में लोगों को उपचार तक नहीं मिल पा रहा है। दांत दर्द होने पर अल्मोड़ा या फिर हल्द्वानी के चक्कर काटने पड़ते हैं। आने जाने में ही गांव के लोगों के कई पैसे खर्च हो जाते हैं।
बची सिंह बिष्ट, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जैंती
बच्चों के बीमार होने पर यहां तो भगवान ही मालिक है। सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण बच्चों के उपचार कराने में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार छोटे बच्चों की जान पर भी बन आती है।
ललित मोहन भट्ट, व्यवसायी जैंती
विशेषज्ञ डॉक्टरों के खाली पदों और तकनीशियन नहीं होने के बारे में कई बार शासन को लिखा जा चुका है। तकनीशियन की तैनाती होने पर ही क्षेत्रीय जनता को एक्सरे की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। कांग्रेस शासनकाल में अस्पताल को साधन संपन्न बनाया गया था लेकिन भाजपा सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर उदासीन बनी है। डॉक्टरों की नियुक्ति के मामले को वह सरकार के समक्ष रखते आ रहे हैं। - गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक
कांग्रेस विधायक पिछले दो दशक से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अस्पताल में मशीनें तो उपलब्ध कराई गई, लेकिन तकनीशियन नहीं भेजे गए। मशीनें जंक खा रही हैं। भाजपा सरकार अस्पतालों में डाक्टरों की तैनाती करने को प्रयासरत है। - सुभाष पांडे, भाजपा नेता, जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र।