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पानी जुटाने में ही बीत रहा पूरा दिन
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 05 May 2016 10:57 PM IST
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एक नौले में पानी भरने को लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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बढ़ती गर्मी से पंपिंग योजनाओं के स्रोत तेजी से सूख रहे हैं। इस कारण जिले के कई गांवों में पानी का संकट गहराता जा रहा है। पंपिंग योजनाओं में पानी की आपूर्ति नाम मात्र की हो रही है। ग्रामीणों का पूरा दिन पानी जुटाने में ही बीत जा रहा है।
जिले के लमगड़ा ब्लाक के अंतर्गत सैनोली, बरम, नौगांव, दाड़िमी, सीम समेत कई गांवों में पानी की किल्लत चल रही है। नौगांव में पानी का संकट गहरा गया है। स्थिति यह है कि कई बार ग्रामीणों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। स्टैंड पोस्टों में पानी के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ लग रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का पूरा दिन पानी जुटाने में ही बीत जा रहा है। परिवार और मवेशियों के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
दूसरी तरफ गांव के नौलों में पानी का स्तर कम होता जा रहा है। इससे समस्या और भी अधिक बढ़ गई है। मल्ला नौगांव निवासी अमर सिंह बोरा ने बताया कि गांव की पंपिंग योजना में नाममात्र की पेयजल आपूर्ति हो रही है। सुबह से शाम तक स्टैंड पोस्टों में इंतजार करने के बाद भी 10 से 15 लीटर ही पानी मिल रहा है जो परिवार और मवेशियों के लिए नाकाफी साबित हो रहा है।
जिले के लमगड़ा ब्लाक के अंतर्गत सैनोली, बरम, नौगांव, दाड़िमी, सीम समेत कई गांवों में पानी की किल्लत चल रही है। नौगांव में पानी का संकट गहरा गया है। स्थिति यह है कि कई बार ग्रामीणों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। स्टैंड पोस्टों में पानी के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ लग रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का पूरा दिन पानी जुटाने में ही बीत जा रहा है। परिवार और मवेशियों के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
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दूसरी तरफ गांव के नौलों में पानी का स्तर कम होता जा रहा है। इससे समस्या और भी अधिक बढ़ गई है। मल्ला नौगांव निवासी अमर सिंह बोरा ने बताया कि गांव की पंपिंग योजना में नाममात्र की पेयजल आपूर्ति हो रही है। सुबह से शाम तक स्टैंड पोस्टों में इंतजार करने के बाद भी 10 से 15 लीटर ही पानी मिल रहा है जो परिवार और मवेशियों के लिए नाकाफी साबित हो रहा है।
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