फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   No platform for students to show their talents

अपना हुनर दिखाने के लिए छात्रों के लिए कोई मंच नहीं

Mon, 17 Apr 2017 10:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Mon, 17 Apr 2017 10:00 PM IST
विज्ञापन
No platform for students to show their talents
कश्मीरी डिश के साथ छात्र-छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला

कुमाऊं के एकमात्र राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान में बजट के अभाव में पिछले चार साल से फूड फेस्टेवल का आयोजन नहीं हो सका है। फूड फेस्टेवल के जरिए संस्थान में अध्ययनरत छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल पाता था। बावजूद इसके संस्थान के छात्र सप्ताह में बारी-बारी से खुद ही विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजन तैयार कर खुद को भविष्य के लिए तैयार करने में जुटे हैं। संस्थान में पिछले कई सालों से प्रधानाचार्य भी नहीं है जिसका जिम्मा मुख्य विकास अधिकारी ने संभाल रखा है। 

विज्ञापन

 
 1991 में अस्तित्व में आए राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान में वर्तमान में 136 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन्हें अतिथि सत्कार की शिक्षा देने के लिए संस्थान में तीन नियमित और सात संविदा शिक्षक तैनात हैं। विभिन्न जगहों से होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने अल्मोड़ा पहुंचे ये छात्र पढ़ाई के साथ-साथ आतिथ्य सत्कार के अंतर्गत आने वाली हाउस कीपिंग, कुकिंग, और सर्विस क्षेत्र में खुद को तैयार कर रहे हैं। इसके लिए संस्थान के शिक्षकों के निर्देशन में छात्र सप्ताह में बारी-बारी से देश के विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजनों के अलावा विदेशी व्यंजन भी तैयार कर रहे हैं।
विज्ञापन


सोमवार को छात्रों ने कश्मीर राज्य की प्रसिद्ध  डिश मटन रोगन जोश, कश्मीरी पुलाव और कश्मीर की प्रसिद्ध मिठाई सुक्ता बनाई, लेकिन संस्थान के छात्रों की पीड़ा है कि आतिथ्य सत्कार की जिन चीजों को वह संस्थान में सीख रहे हैं उसके लिए उनको किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन नहीं मिल पाता है। चार साल पहले तक संस्थान में फूड फेस्टेवल का आयोजन किया जाता था। जिसमें शहर के गणमान्य लोगों को बुलाकर संस्थान के छात्रों द्वारा आतिथ्य सत्कार किया जाता था। इस दौरान छात्रों द्वारा तैयार किए जाने वाले व्यंजनों के अलावा उनकी ट्रेनिंग के बारे में भी लोगों को पता चल पाता था। संस्थान के शिक्षक धीरेंद्र मर्तोलिया ने बताया कि पिछले चार साल से संस्थान में फूड फेस्टेवल नहीं मनाया गया है। फेस्टेवल का मकसद छात्रों द्वारा सीखे जा रहे आतिथ्य सत्कार को लोगों के बीच ले जाना था ताकि छात्रों का मनोबल बढ़ सके। यही नहीं पिछले कुछ सालों से संस्थान में शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम भी बंद पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


संस्थान में पिछले कई सालों से नियमित प्रधानाचार्य भी नहीं है। वर्तमान में यहां का चार्ज मुख्य विकास अधिकारी के पास है। इधर सीडीओ जेएस नागन्याल ने बताया कि फूड फेस्टेवल के संबंध में वह पर्यटन विभाग और शासन स्तर से जानकारी लेंगे और भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित हो सकें, इसका प्रयास करेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed