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कोरोना मरीजों के लिए आईसीयू वार्ड कब तक बनेगा पता नहीं
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अल्मोड़ा। जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में सात लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं लेकिन कोरोना के इलाज के लिए जरूरी संसाधनों का अभाव है। आने वाले दिनों में किसी कोरोना मरीज की हालत बिगड़ जाए और उसे आईसीयू में रखने की जरूरत पड़ जाए तो जिले के किसी भी अस्पताल में आईसीयू की सुविधा नहीं है। इस तरह के मरीजों को हल्द्वानी और अन्य स्थानों पर ही भेजना पड़ेगा। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में 30 बेड का आईसीयू वार्ड का प्रस्ताव काफी पहले ही भेजा गया है। इसके लिए एक कंपनी को वेंटिलेटर सप्लाई करने को कहा गया है लेकिन इसमें प्रगति नहीं हुई है।
कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अल्मोड़ा के बेस अस्पताल को कोरोना अस्पताल बनाया गया है। कोरोना अस्पताल की व्यवस्थाएं मेडिकल कॉलेज के अधीन आ गई हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरजी नौटियाल ने बताया कि बेस अस्पताल में 30 बेड का आईसीयू वार्ड भी बनाया जा रहा है। इसमें 10 बेड का आईसीयू बच्चों के लिए होगा और 20 बेड का अन्य सभी लोगों के इलाज के लिए बनाया जा रहा है। वेंटिलेटर युक्त आईसीयू वार्ड बनाने का काम भी हिंदुस्तान लेटेक्स लि. को दिया जा रहा है। कंपनी की टीम ने पिछले दिनों यहां आकर सर्वे भी कर लिया था। प्राचार्य डॉ. नौटियाल ने बताया कि 30 बेड के इस आईसीयू वार्ड को तैयार करने के लिए विश्व बैंक से बजट मिलेगा। हालांकि इसे जून के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन जिस गति से काम हो रहा है इसमें अधिक वक्त भी लग सकता है। अल्मोड़ा की भांति बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत जिलों के अस्पतालों में भी आईसीयू की सुविधा नहीं है।
जिला अस्पताल में भी आईसीयू वार्ड का प्रस्ताव
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में आईसीयू के साथ ही वेंटिलेटर की सुविधा के लिए काफी समय पहले प्रस्ताव भेजा गया था। इस बीच 41 लाख रुपये लागत के उपकरण पहुंच चुके हैं। इनमें एक वेंटिलेटर के साथ ही चार आईसीयू बेड, चार मल्टीफॉर्म मॉनिटर, चार ऑक्सीजन सिलिंडर, पांच थर्मामीटर सहित अन्य उपकरण आए हैं। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरसी पंत ने बताया कि कुछ दिन पहले आईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन की लाइन बिछाने के लिए संबंधित कंपनी के लोगों ने सर्वेक्षण कर लिया है। भविष्य में अन्य सभी कार्यों का आगणन बनाया जाएगा।
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कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अल्मोड़ा के बेस अस्पताल को कोरोना अस्पताल बनाया गया है। कोरोना अस्पताल की व्यवस्थाएं मेडिकल कॉलेज के अधीन आ गई हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरजी नौटियाल ने बताया कि बेस अस्पताल में 30 बेड का आईसीयू वार्ड भी बनाया जा रहा है। इसमें 10 बेड का आईसीयू बच्चों के लिए होगा और 20 बेड का अन्य सभी लोगों के इलाज के लिए बनाया जा रहा है। वेंटिलेटर युक्त आईसीयू वार्ड बनाने का काम भी हिंदुस्तान लेटेक्स लि. को दिया जा रहा है। कंपनी की टीम ने पिछले दिनों यहां आकर सर्वे भी कर लिया था। प्राचार्य डॉ. नौटियाल ने बताया कि 30 बेड के इस आईसीयू वार्ड को तैयार करने के लिए विश्व बैंक से बजट मिलेगा। हालांकि इसे जून के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन जिस गति से काम हो रहा है इसमें अधिक वक्त भी लग सकता है। अल्मोड़ा की भांति बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत जिलों के अस्पतालों में भी आईसीयू की सुविधा नहीं है।
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जिला अस्पताल में भी आईसीयू वार्ड का प्रस्ताव
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में आईसीयू के साथ ही वेंटिलेटर की सुविधा के लिए काफी समय पहले प्रस्ताव भेजा गया था। इस बीच 41 लाख रुपये लागत के उपकरण पहुंच चुके हैं। इनमें एक वेंटिलेटर के साथ ही चार आईसीयू बेड, चार मल्टीफॉर्म मॉनिटर, चार ऑक्सीजन सिलिंडर, पांच थर्मामीटर सहित अन्य उपकरण आए हैं। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरसी पंत ने बताया कि कुछ दिन पहले आईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन की लाइन बिछाने के लिए संबंधित कंपनी के लोगों ने सर्वेक्षण कर लिया है। भविष्य में अन्य सभी कार्यों का आगणन बनाया जाएगा।
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