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Almora News: रक्षा और वन भूमि के फेर में बाईपास

Sun, 07 May 2023 09:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Sun, 07 May 2023 09:58 PM IST
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NO Bypass Road in Ranikhet
रानीखेत नगर में लगे जाम में फंसे वाहन। संवाद
रानीखेत (अल्मोड़ा)। नगर में वाहनों का दबाव निरंतर बढ़ रहा है। इसके बावजूद बाईपास सड़क नहीं बन सकी है। सड़क के मिलान में आड़े आ रही रक्षा और वन विभाग की भूमि का भी हस्तांतरण नहीं हो सका है। राय स्टेट से लेकर किलकोट तक यह सड़क कई साल पहले बन चुकी है। इस सड़क का मिलान जालली-मासी सड़क पर होना है। बताया जा रहा है कि मिलान भूमि में आठ सौ मीटर हिस्सा रक्षा विभाग और दो सौ मीटर आरक्षित वन क्षेत्र का है। हालांकि रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट की पहल पर यह मामला रक्षा संपदा विभाग के प्रधान निदेशक के माध्यम से महानिदेशक स्तर तक पहुंच चुका है। तब अधिकारियों ने इस भूमि का निरीक्षण भी किया था।
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नगर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए चार दशक पहले बाईपास को मंजूरी मिली थी। राय स्टेट के पास से नगर के निचले हिस्से में ग्राम खनिया, इंदिरा बस्ती, राजपुर होकर किलकोट गांव तक करीब चार किमी लोअर माल सड़क बनकर तैयार हुई लेकिन मिलान स्थल पर आठ सौ मीटर रक्षा मंत्रालय की भूमि न मिलने से बाईपास नहीं बन सका है। कुछ साल पहले शासन की ओर से बाईपास सड़क के मिलान के लिए धन स्वीकृत होने के बाद लोनिवि की ओर से छावनी परिषद से वन भूमि के हस्तांतरण की स्वीकृति मांगी गई जिसके बाद छावनी परिषद ने भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव रक्षा संपदा अधिकारी को भेजा। छावनी परिषद के नामित सदस्य मोहन नेेगी ने बताया कि रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने इस मामले को महानिदेशक स्तर तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि रक्षा विभाग के प्रधान निदेशक के माध्यम से डीजी को पत्र भेजा गया है। बताया जा रहा है कि मिलान भूमि पर कई पेड़ भी हैं। फिलहाल रक्षा और वन भूमि हस्तांतरण में बाधा के कारण यह मामला लंबित है।
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बाईपास के मिलान में कुछ भूमि रक्षा विभाग की तो कुछ आरक्षित वनभूमि है। लोनिवि ने पहले डीईओ बरेली को पत्र भेजकर रक्षा भूमि को लीज पर लेने की प्रक्रिया पूछी थी। यदि भूमि हस्तांतरित हुई तो इसकी कीमत की भी जानकारी मांगी गई थी। भूमि हस्तांतरित होने के बाद उत्तराखंड शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। तभी पेड़ों को हटाया जाएगा। - केएस बिष्ट, एई, लोनिवि, प्रांतीय खंड, रानीखेत।
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