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ना किसी से द्वेष, न रार, फिर किसने मार डाला दिनेश को

Sat, 14 Jul 2018 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा। Updated Sat, 14 Jul 2018 12:03 AM IST
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Neither hatred nor anyone, then who killed Dinesh
मृतक के पिता को ढांढस बंधाते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
15 वर्षीय दिनेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर ग्रामीण भी हतप्रभ हैं। मिलनसार प्रवृति के चलते दिनेश हर किसी का दुलारा था। उनका न तो किसी से द्वेष था ना ही रार। फिर उसके ऊपर तेल डालकर किसने आग लगा दी, यह प्रश्न हर ग्रामीण के मन में कौंध रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कभी भी दिनेश ने किसी से गलत व्यवहार नहीं किया। स्कूल से आने के बाद वह घर में पढ़ाई करता और कभी-कभार शाम के वक्त सड़क पर अपने दोस्तों के साथ खेलता था।
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पिता तारा सिंह बिष्ट का मझला पुत्र दिनेश यहां चिलियानौला स्थित जीडी बिड़ला स्कूल में दसवीं का छात्र था। वह बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि का रहा है। विद्यालय में भी सहपाठियों के बीच उसकी अच्छी पटरी बैठती थी। कभी भी किसी से विवाद नहीं हुआ। 12 जुलाई को पांच बजे वह मार्निंग वाक के लिए निकला और साढ़े पांच बजे पता चला कि दिनेश जल चुका है। इस घटना से ग्रामीण आहत हैं। गांव के ही गोधन सिंह का कहना है कि दिनेश बहुत सीधा और सादगी पसंद था। हम लोग बेहद आहत हैं। 
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पास ही दुकान चलाने वाले बुजुुर्ग केशव दत्त का कहना है कि बच्चा मेरी दुकान पर आता था और चाय-समोसे खाकर चला जाता था। मैंने आज तक उसे गलत करते नहीं देखा। फिर ना जाने कहां से उस बच्चे के इतने बड़े दुश्मन आ गए, जिन्होंने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया। पड़ोसी बीडी पपने ने कहा कि कभी-कभार हम दिनेश को सड़क पर खेलते देखते थे। अधिकांश समय वह घर के अंदर पढ़ाई करता था। फिर इस तरह से उसके साथ घटना घटेगी इसका कभी भी इल्म तक नहीं था।  
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साहब यहीं पर मिला था झुलसी हालत में दिनेश 
रानीखेत। पास ही रहने वाले भारत बिष्ट ने सबसे पहले दिनेश को सड़क के नीचे झुलसी हालत में देखा। वह उंगली से इशारा करते हुए बताते हैं कि साहब यही स्थान है जहां पर दिनेश सड़क से नीचे कूदा था। जब पूछा कि कौन हो, तो उसने बताया कि मैं तारा सिंह का पुत्र हूं, मुझे बचा लो, दो लड़के थे एक ने मेरे ऊपर तेल डाला और दूसरे ने लाइटर से आग लगा दी। इसके बाद भारत सिंह ने परिजनों को घटना की सूचना दी।


किशोर की संदिग्ध मौत से ग्रामीणों में भारी आक्रोश 
रानीखेत। पहाड़ की शांत वादियों में इस तरह की आपराधिक गतिविधियां भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। दिनेश बिष्ट की संदिग्ध मौत और उसके द्वारा दिए गए बयानों के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मृतक दिनेश के घर पहुंचे ग्रामीणों में भय और दहशत व्याप्त थी। कहा कि हमारे भी बच्चे हैं, इस तरह से कोई भी आकर अपराध कर देगा, भावी पीढ़ी का क्या होगा। पुलिस को घटना का खुलासा करना चाहिए। इसमें मीडिया का भी रोल अहम है।  
 
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